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Publish Date: August 28, 2026

विद्यार्थियों का कल्याण सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध आई.आई.टी. दिल्ली

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नई दिल्ली:  आई.आई.टी. दिल्ली विद्यार्थियों के कल्याण को एक ऐसे अनुकूल वातावरण के निर्माण की मूलभूत आवश्यकता मानता है, जहाँ प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी बात रखने का अवसर मिले और वह स्वयं को समर्थित एवं सुरक्षित महसूस करे। संस्थान में विद्यार्थियों के कल्याण, विविधता, शैक्षणिक सुदृढ़ता, मार्गदर्शन, मानसिक स्वास्थ्य, प्रशासन तथा शिकायत निवारण तंत्र को मज़बूत करने के लिए निम्नलिखित प्रमुख उपाय पहले से ही लागू हैं।

- शैक्षणिक राहत एवं पाठ्यक्रम में लचीलापन: वर्ष 2025 में नया पाठ्यक्रम लागू होने के बाद से, प्रथम सेमेस्टर के क्रेडिट लोड को कम किया गया है, जीवन कौशल से संबंधित पाठ्यक्रम जोड़े गए हैं और विद्यार्थियों के तनाव को कम करने के लिए प्रथम वर्ष की विभागीय कक्षाओं में विद्यार्थियों की संख्या 30–60 तक सीमित की गई है। सप्ताहांत में होने वाली परीक्षाओं को कम कर दिया गया है और क्रेडिट वितरण को लचीला रखा गया है। इसके अतिरिक्त, शैक्षणिक वर्ष 2024–25 से बी.टेक. उपाधि के लिए न्यूनतम सी.जी.पी.ए. की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। यह संस्थान द्वारा उठाया गया एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

- मार्गदर्शन एवं संकाय के साथ संवाद: छात्र-शिक्षक संवाद परिषद (STIC) के मार्गदर्शन में, संस्थान प्रत्येक सेमेस्टर में नियमित रूप से मिलन-सत्र आयोजित करता है। संकाय ओपन-डोर ऑफिस आवर्स, परियोजना मार्गदर्शन, छात्रावास संबंधी गतिविधियों में सहभागिता तथा कक्षा समिति के माध्यम से प्राप्त फीडबैक के ज़रिए विद्यार्थियों के साथ सक्रिय रूप से संवाद करते हैं।

- व्यापक मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अवसंरचनाः विद्यार्थियों के कल्याण के लिए 24/7 परामर्शदाताओं और मनोचिकित्सकों की टीम उपलब्ध है, जिसमें AIIMS/VIMHANS के विशेषज्ञ भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, बाहरी मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा खर्च संस्थान द्वारा वहन किया जाता है, आपातकालीन स्थितियों के लिए त्वरित प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल लागू है तथा अकादमिक इकाई कल्याण समितियाँ (AUWC) भी कार्यरत हैं। UG Buddy कार्यक्रम, जो एक मार्गदर्शन पहल है, का 2025 में विस्तार करके PG Buddy कार्यक्रम और International Buddy कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं। वहीं, आई.आई.टी. दिल्ली की पहल  एन.आर.सी.वी.ई.ई. (NRCVEE) ने वर्ष 2001 से योग और ध्यान के मॉड्यूल के माध्यम से दीर्घकालिक कल्याण को अपनी गतिविधियों में शामिल किया है।

- लक्षित सहायता: संस्थान के विद्यार्थी मामले परिषद (SAC) और सह-पाठ्यचर्या शैक्षणिक संवाद परिषद (CAIC) द्वारा विद्यार्थियों का प्रतिनिधित्व किया जाता है। शैक्षणिक चुनौतियों से निपटने के लिए शैक्षणिक प्रगति समूह (APG) वर्ष 2023 से शाम के समय ट्यूशन तथा क्रेडिट-बैकलॉग संबंधी सहायता प्रदान कर रहा है।

- बहु-माध्यम शिकायत निवारण: शिकायतों का प्रबंधन एक केंद्रीकृत, संदर्भ-ट्रैकिंग युक्त ERP पोर्टलविद्यार्थी कल्याण बोर्ड (BSW), विशेष एस.सी./एस.टी. और ओ.बी.सी. प्रकोष्ठोंछात्रावास वार्डनोंआंतरिक शिकायत समिति तथा गोपनीय परामर्श चैनलों के माध्यम से किया जाता है, जिससे शिकायतों का पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित होता है।

- विविधता, समावेशन एवं पक्षपात के प्रति संवेदनशीलता: विविधता एवं समावेशन कार्यालय वर्ष 2022 से पूरे परिसर में भेदभाव-रहित वातावरण और सुगम्यता से संबंधित कार्यक्रमों का संचालन कर रहा है। इसके साथ हीलैंगिक समानता एवं संवेदीकरण पहल (IGES), जातिगत समता पहल (ICE), सुलभ शिक्षा कार्यालय (OAE) आदि द्वारा नए विद्यार्थियों के लिए आयोजित गहन इंडक्शन कार्यक्रम जाति, लिंग, भाषा, क्षेत्र और जातीयता से संबंधित अप्रत्यक्ष एवं प्रत्यक्ष पक्षपात के प्रति लक्षित संवेदीकरण प्रशिक्षण प्रदान करते हैं।

आई.आई.टी. दिल्ली के लिए विद्यार्थियों का कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। संस्थान अपनी व्यवस्थाओं को निरंतर सुदृढ़ करता रहेगा और यह सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा कि विद्यार्थियों को उनकी पूरी शैक्षणिक यात्रा के दौरान आवश्यक सहयोग एवं निरंतर देखभाल प्राप्त हो।

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