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Publish Date: August 10, 2026

आई.आई.टी. दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि होंगे।

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                                                        • 57वाँ दीक्षांत समारोह 8 अगस्त, 2026 को आयोजित किया जाएगा।

                                                        • प्रधानमंत्री कृत्रिम बुद्धिमत्ता-संचालित उच्च-प्रदर्शन संगणन सुविधा का शुभारंभ करेंगे।

                                                        • आई.आई.टी. दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया।


                                                                          (फोटो: प्रो. रंगन बनर्जी, निदेशक, आई.आई.टी. दिल्ली)

नई दिल्ली: माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में 8 अगस्त, 2026 को आई.आई.टी. दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री दीक्षांत समारोह के दौरान उपाधि प्राप्त करने वाले स्नातक, स्नातकोत्तर विद्यार्थियों तथा 587 पीएच.डी. शोधार्थियों सहित 3,000 से अधिक विद्यार्थियों को संबोधित करेंगे।

माननीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी तथा नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

7 अगस्त, 2026 को आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आई.आई.टी. दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी मेधावी विद्यार्थियों को संस्थान के सर्वोच्च सम्मानों, यथा राष्ट्रपति स्वर्ण पदक, निदेशक स्वर्ण पदक, शंकर दयाल शर्मा (भारत के पूर्व राष्ट्रपति) स्वर्ण पदक तथा परफेक्ट टेन स्वर्ण पदक से सम्मानित करेंगे।

आई.आई.टी. दिल्ली के निदेशक ने बताया कि प्रधानमंत्री आई.आई.टी. दिल्ली के सोनीपत परिसर में स्थापित कृत्रिम बुद्धिमत्ता-संचालित उच्च-प्रदर्शन संगणन सुविधा ‘परम प्रज्ञा’ की ऑनलाइन माध्यम से शुरुआत करेंगे।

वर्ष 2026 में स्नातक हुए बैचलर ऑफ डिजाइन, एग्जीक्यूटिव एम.बी.ए., जैविक विज्ञान में एम.एससी. तथा संस्कृति, समाज एवं विचार में एम.ए. पाठ्यक्रमों के प्रथम बैच के विद्यार्थियों को भी 57वें दीक्षांत समारोह में उपाधि प्रदान की जाएगी।

दीक्षांत समारोह 2026 – प्रदान की जाने वाली उपाधियाँ

निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी के साथ-साथ उपनिदेशकों, संकायाध्यक्षों, कुलसचिव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी मीडिया को संबोधित किया और आई.आई.टी. दिल्ली की उपलब्धियों, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों तथा उद्योगों के साथ साझेदारी, और संस्थान में किए जा रहे शोध एवं नवाचारों पर प्रकाश डाला।

आई.आई.टी. दिल्ली और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (NITs) ने मिलाया हाथ

आई.आई.टी. दिल्ली ने देशभर के 18 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (एन.आई.टी.) के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए और एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग नेटवर्क की शुरुआत की है।

इस सहयोग के माध्यम से प्रतिभागी संस्थानों के विद्यार्थी और संकाय सदस्य शैक्षणिक विनिमय के विस्तारित अवसरों, संयुक्त अनुसंधान, अनुसंधान अवसंरचना तक साझा पहुँच, परियोजनाओं एवं शोध प्रबंधों के लिए सहयोगात्मक मार्गदर्शन, संकाय विकास पहलों तथा बहुविषयक नवाचार गतिविधियों में भागीदारी से लाभान्वित होंगे।

समझौता ज्ञापन के अंतर्गत सहयोगात्मक गतिविधियों को समर्थन प्रदान करने के लिए आई.आई.टी. दिल्ली ने ALIGN (Academic Linkages for Innovation and National Growth) की शुरुआत की है। यह एक समर्पित संस्थागत पहल है, जिसे आई.आई.टी. दिल्ली और सहयोगी संस्थानों के बीच शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया है।

प्लेसमेंट मेंटरशिप कार्यक्रम

एक प्लेसमेंट मेंटरशिप कार्यक्रम की भी शुरुआत की गई है, जिसके अंतर्गत प्लेसमेंट प्राप्त कर चुके विद्यार्थियों द्वारा वर्तमान अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के साथ व्यक्तिगत बातचीत की गई और उन्हें मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को रिज्यूमे बनाने, मॉक इंटरव्यू, कंपनी-विशिष्ट तैयारी तथा समग्र प्लेसमेंट रणनीति से संबंधित व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

संस्थान ने विद्यार्थियों के लिए तनाव और चिंता से निपटने में सहायता हेतु एक सहकर्मी सहायता पहल के रूप में ‘कॉल फॉर ए फ्रेंड’ कार्यक्रम शुरू किया है। इसके अंतर्गत सुनने की संवेदनशील क्षमता और बुनियादी मानसिक स्वास्थ्य सहयोग में प्रशिक्षित विद्यार्थी स्वयंसेवकों का चयन किया गया है।

अंतरराष्ट्रीय संपर्क

आई.आई.टी. दिल्ली ने शैक्षणिक वर्ष 2024–25 की तुलना में शैक्षणिक वर्ष 2025–26 के दौरान अंतरराष्ट्रीयकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि की है। पूर्णकालिक शैक्षणिक कार्यक्रमों में अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों का प्रवेश 43 से बढ़कर 62 हो गया, जबकि आने वाले विद्यार्थियों की गतिशीलता (3 माह से अधिक के लिए) 8 से बढ़कर 23 विद्यार्थियों तक पहुँच गई। बाहर जाने वाले विद्यार्थियों की गतिशीलता (3 माह से अधिक के लिए) भी मजबूत बनी रही, जिसमें वर्ष 2024–25 में 43 विद्यार्थी और 2025–26 में 41 विद्यार्थी शामिल थे।

30 देशों के साथ सक्रिय कुल 88 अंतरराष्ट्रीय समझौता ज्ञापन अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ अनुसंधान एवं शैक्षणिक सहयोग के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।

आई.आई.टी. दिल्ली ने अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगी संस्थानों के साथ मिलकर वर्ष 2026 में 3 अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम शुरू किए हैं:

 “सौर प्रणालियाँ एवं प्रबंधन” में स्नातकोत्तर डिप्लोमा कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) और INES - Institut National de l'Energie Solaire, फ्रांस के साथ मिलकर शुरू किया गया है। यह कार्यक्रम 120 से अधिक ISA सदस्य देशों के अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों को ISA सदस्य देशों में सौर प्रौद्योगिकी एवं अनुप्रयोग संसाधन केंद्रों (STAR-C) में प्रशिक्षक के रूप में कार्य करने हेतु प्रशिक्षित करने के लिए तैयार किया गया है।

संकाय विस्तार

आई.आई.टी. दिल्ली अपने शिक्षण एवं अनुसंधान तंत्र को सुदृढ़ करने, शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात में सुधार करने तथा बहुविषयकता और उत्कृष्टता पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।

पिछले एक वर्ष में संस्थान ने विभिन्न विषयों में 37 संकाय सदस्यों की नियुक्ति की है। वर्तमान में संस्थान में 16 विदेशी संकाय सदस्य कार्यरत हैं। संस्थान में वैश्विक प्रतिभाओं को और अधिक आकर्षित करने के लिए अर्धकालिक अनुबंध नियुक्तियों (Half-time Contract Appointments) जैसे प्रावधान प्रक्रियाधीन हैं।

आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की समावेशिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष भर्ती अभियान आयोजित करने सहित कई सक्रिय कदम उठाए गए हैं।

अनुसंधान एवं नवाचार

वित्तीय वर्ष 2025–2026 में ही आई.आई.टी. दिल्ली ने लगभग ₹600 करोड़ मूल्य की प्रायोजित अनुसंधान एवं विकास तथा परामर्श परियोजनाएँ संचालित की हैं। मौजूदा परियोजनाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा राष्ट्रीय मिशनों के अनुरूप है और इन्हें सरकारी एजेंसियों का सहयोग प्राप्त है। उद्योग जगत और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से प्राप्त सहयोग एक निरंतर विस्तृत होते सहयोगात्मक नेटवर्क को प्रतिबिंबित करता है, जो राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और वैश्विक अनुसंधान प्रयासों, दोनों को गति प्रदान कर रहा है।

आई.आई.टी. दिल्ली के पास अनुसंधान का एक व्यापक और विविध आधार है, जिसे सरकारी संस्थाओं, उद्योग जगत तथा अंतरराष्ट्रीय वित्तपोषण एजेंसियों का सहयोग प्राप्त है। पिछले 10 वर्षों के दौरान, संस्थान ने लगभग ₹4,000 करोड़ मूल्य अर्थात् औसतन लगभग ₹400 करोड़ की परियोजनाएँ प्रति वर्ष, प्रायोजित अनुसंधान एवं विकास तथा परामर्श परियोजनाओं के रूप में संचालित की हैं।

बौद्धिक संपदा एवं वाणिज्यीकरण

आई.आई.टी. दिल्ली में विभिन्न विषयों में अनुसंधान मौलिक खोज से लेकर प्रौद्योगिकी विकास और अनुप्रयोग-उन्मुख नवाचार तक विस्तृत है। संस्थान के वर्तमान बौद्धिक संपदा पोर्टफोलियो में कुल 1,871 परिसंपत्तियाँ हैं, जिनमें 1,756 पेटेंट और बौद्धिक संपदा के 115 अन्य रूप शामिल हैं। बौद्धिक संपदा सृजन के अतिरिक्त, संस्थान ने मेडटेक, स्वास्थ्य सेवा, सहायक प्रौद्योगिकियों, सॉफ्टवेयर, वस्त्र, संचार और ऊर्जा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में 225 से अधिक लाइसेंसिंग करार किए हैं।

गत वर्ष 196 पेटेंट दाखिल किए गए, 26 लाइसेंसिंग करार किए गए तथा एफ.आई.टी.टी. में 26 नए स्टार्टअप को इनक्यूबेशन का अवसर प्रदान किया गया।

कॉर्पोरेट कनेक्ट

उद्योग और अकादमिक जगत के बीच निरंतर सहयोग की बढ़ती आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, आई.आई.टी. दिल्ली ने दीर्घकालिक साझेदारी के लिए एक सुव्यवस्थित मंच के रूप में ‘इंडस्ट्री मेंबरशिप प्रोग्राम’ शुरू किया है। यह कार्यक्रम कंपनियों को संस्थान के प्रतिष्ठित संकाय सदस्यों, अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र तथा प्रतिभाशाली विद्यार्थी समुदाय के साथ जुड़ने का अवसर प्रदान करता है। आई.आई.टी. दिल्ली कॉर्पोरेट साझेदारों को उनकी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहलों के माध्यम से सहयोग के लिए भी आमंत्रित करता है, जिससे समाज पर मापनीय प्रभाव डालने वाली परिवर्तनकारी परियोजनाओं को समर्थन प्रदान किया जा सके।

उद्योग जगत के साथ साझेदारियों के परिणामस्वरूप कई विशिष्ट सुविधाओं की शुरुआत भी हुई है, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:

• होरिबा टेक्निकल सेंटर

• यामाहा मोटर सॉल्यूशंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्थापित उभरती प्रौद्योगिकी एवं नवाचार प्रयोगशाला

• आई.सी.आई.सी.आई. फाउंडेशन द्वारा फाउंडेशन फॉर स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग लैब के लिए उपकरण सहयोग

• भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर सुरक्षा क्षमताओं को सशक्त बनाने के लिए सिस्को और आई.आई.टी. दिल्ली द्वारा ‘सिस्को टेक्नॉलजी हब’ की शुरुआत

अलम्नाई अवार्ड्स

आई.आई.टी. दिल्ली ने प्रतिष्ठित अलम्नाई अवार्ड्स 2026 के विजेताओं की घोषणा की है। विशिष्ट पूर्व विद्यार्थी पुरस्कार (डिस्टिंग्विश्ड अलम्नाई अवार्ड) आई.आई.टी. दिल्ली के पूर्व विद्यार्थी प्रो. राजशेखर बालासुब्रमणयन, नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (शैक्षणिक एवं अनुसंधान श्रेणी); श्री श्रीकांत प्रभाकर जोशी, सी.ई.ओ., एल. एंड टी. रियल्टी (उद्योग एवं कॉर्पोरेट नेतृत्व श्रेणी); डॉ. रवि एस. प्रशर, मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी, ब्लूम एनर्जी (उद्योग एवं कॉर्पोरेट नेतृत्व श्रेणी); श्री अमित लोढ़ा, आई.पी.एस., ए.डी.जी.पी., स्टेट क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो, बिहार (लोक सेवा श्रेणी); तथा डॉ. विवेक राघवन, सह-संस्थापक, सर्वम ए.आई. (उद्यमिता श्रेणी) को प्रदान किए जाएंगे।

पिछले दशक के स्नातक (गोल्ड) पुरस्कार श्री आनंद अग्रवाल, सह-संस्थापक एवं मुख्य उत्पाद तथा प्रौद्योगिकी अधिकारी, क्रेडजेनिक्स; तथा श्री अभय मित्रा, सह-संस्थापक एवं मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी, निर्वाण इंश्योरेंस को प्रदान किए जाएंगे।

आई.आई.टी. दिल्ली सोनीपत परिसर

परिसर उन्नत अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और उद्यमिता के एक प्रमुख केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।

केंद्रीय अनुसंधान सुविधा (सी.आर.एफ.) और साथी (SATHI) सोनीपत परिसर की सबसे बड़ी परिचालन इकाइयाँ हैं। पिछले वर्ष के दौरान इन सुविधाओं के माध्यम से देशभर के 4,000 से अधिक शोधकर्ताओं को सेवाएँ उपलब्ध कराई गईं, जिससे देश की अनुसंधान क्षमताओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ संस्थान के राजस्व में भी वृद्धि हुई। वर्तमान वर्ष में परिसर ने 9,500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले अत्याधुनिक अनुसंधान एवं शैक्षणिक भवन का निर्माण पूरा कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। इस भवन में प्रकाशिकी एवं फोटोनिक्स केंद्र तथा सी.आर.एफ. के उपकरणों के लिए प्रयोगशालाएँ हैं। अगले वर्ष और अधिक सुविधाएँ विकसित करने की योजना है।

आई.आई.टी. दिल्ली के सोनीपत परिसर में दो उत्कृष्टता केंद्र—सी.ओ.ई. संजीवनी और हथकरघा प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र—तथा अत्यधिक तापमान एवं विषम पर्यावरणीय परिस्थितियों में सामग्री परीक्षण के लिए राष्ट्रीय सुविधा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।

इसके अतिरिक्त, परिसर के बढ़ते समुदाय को ध्यान में रखते हुए नए शैक्षणिक कार्यक्रमों, अनुसंधान समूहों तथा पठन-कक्ष और मनोरंजन स्थलों जैसी सहायक अवसंरचनाओं के विकास की योजना बनाई जा रही है।

आई.आई.टी. दिल्ली–अबू धाबी

शैक्षणिक वर्ष 2025–26 आई.आई.टी. दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय परिसर, आई.आई.टी. दिल्ली–अबू धाबी, के लिए उल्लेखनीय उपलब्धियों का वर्ष रहा। परिसर ने मान्यता प्राप्त रासायनिक इंजीनियरिंग में बी.टेक. तथा ऊर्जा एवं सततता में पीएच.डी. कार्यक्रम शुरू कर अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों का विस्तार किया। इसके साथ ही, विभिन्न राष्ट्रीयताओं वाले विद्यार्थी समुदाय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता को प्रदर्शित करते हुए, एम.टेक. के प्रथम बैच ने उत्कृष्ट प्लेसमेंट दर दर्ज की, जिसमें अधिकांश ने संयुक्त अरब अमीरात में ही रोजगार प्राप्त किया।

‘इग्नाइट’ स्टार्टअप कार्यशाला और ए.आई. तथा सतत सामग्री एवं प्रक्रियाओं विषयक ए.आई.एम.एस. 2025 सम्मेलन जैसे प्रमुख आयोजनों ने अनुसंधान और उद्योग के बीच रणनीतिक साझेदारी को गति प्रदान की। परिसर ने खलीफा यूनिवर्सिटी और एम.बी.जेड.यू.ए.आई. सहित क्षेत्र के प्रमुख संस्थानों के साथ अनेक सहयोगात्मक अनुसंधान परियोजनाएँ शुरू कीं तथा विशेषीकृत प्रयोगशाला सुविधाओं का विस्तार किया।

शैक्षणिक गतिविधियों से इतर, ‘अफ़कार’ और ‘अफ़साना’ जैसे सांस्कृतिक उत्सवों, ‘स्पोर्टओएसिस’ खेल प्रतियोगिता तथा संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रीय दिवस समारोहों के माध्यम से विद्यार्थी जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ।

‘अल इब्तिकार’ पहल के माध्यम से परिसर ने संयुक्त अरब अमीरात के व्यापक शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र के साथ अपने जुड़ाव को और सुदृढ़ किया। साथ ही, बढ़ते विद्यार्थी नामांकन को ध्यान में रखते हुए आधुनिक छात्रावासों की सुविधा विकसित की गई, कार्यालयीन स्थानों का विस्तार किया गया तथा डिजिटल अवसंरचना का उन्नयन किया गया।

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