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Publish Date: June 17, 2026

भारत इनोवेट्स 2026: आई.आई.टी. दिल्ली ने रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए.आई.) और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्रों में नवाचारों का किया प्रदर्शन; वैश्विक अनुसंधान और नवाचार साझेदारियों को मिली मजबूती”

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(फोटो: भारत इनोवेट्स में, आई.आई.टी. दिल्ली पवेलियन में आगंतुकों के साथ बातचीत करते हुए आई.आई.टी. दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी।)

नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली (आई.आई.टी दिल्ली) ने 14–16 जून, 2026 तक नीस (Nice) शहर, फ्रांस में आयोजित भारत सरकार की प्रमुख राष्ट्रीय नवाचार पहल ‘भारत इनोवेट्स 2026’ में अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता और वैश्विक सहभागिता के क्षेत्र में अपने नेतृत्व का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति महामहिम इमैनुएल मैक्रों द्वारा संयुक्त रूप से उद्घाटित ‘भारत इनोवेट्स 2026’ ने भारत तथा विश्व के अग्रणी उच्च शिक्षण संस्थानों, केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित तकनीकी संस्थानों, स्टार्टअप्स, निवेशकों और उद्योग जगत के लीडर्स को एक मंच पर एकत्रित किया ताकि गहन प्रौद्योगिकी , नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्रों में सहयोग को सुदृढ़ किया जा सके।

उद्घाटन समारोह तथा प्रदर्शनी के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा आई.आई.टी. दिल्ली की वैश्विक साझेदारियों के महत्त्व को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। राष्ट्रपति मैक्रों ने आई.आई.टी. दिल्ली और सोरबोन विश्वविद्यालय (Sorbonne University) के बीच चल रही साझेदारी को उच्च शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में बढ़ते भारत–फ्रांस सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया। फ्रांस के राष्ट्रपति द्वारा इस साझेदारी को मिली यह मान्यता प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय सहयोगों को बढ़ावा देने और वैज्ञानिक कूटनीति को आगे बढ़ाने में आई.आई.टी. दिल्ली की महत्त्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करती है।

इस कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 'भारत इनोवेट्स' पहल की परिकल्पना और स्वरूप निर्धारण में आई.आई.टी. दिल्ली के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स के चेयरमैन श्री हरीश साल्वे की महत्त्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने श्री साल्वे को इस पहल की परिकल्पना और डिज़ाइन के प्रमुख शिल्पकारों में से एक बताया।

फोटो: भारत इनोवेट्स में आई.आई.टी. दिल्ली पवेलियन में श्री हरीश साल्वे, बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स के अध्यक्ष (मध्य में) ।

 ‘भारत इनोवेट्स 2026’ में आई.आई.टी. दिल्ली ने आई.आई.टी बॉम्बे के साथ मिलकर इन्क्यूबेटर इनोवेशन ब्रिज के सह-अध्यक्ष के रूप में नेतृत्वकारी भूमिका निभाई। यह एक वैश्विक मंच है, जिसका उद्देश्य इन्क्यूबेटर्स, विश्वविद्यालयों, स्टार्टअप्स, निवेशकों और शोध संगठनों को आपस में जोड़ना है।

इस पहल का लक्ष्य इन्क्यूबेटर-से-इन्क्यूबेटर साझेदारियों, स्टार्टअप इमर्शन कार्यक्रमों, मेंटरिंग नेटवर्क्स और सीमा-पार तकनीकी हस्तांतरण को सक्षम बनाना है, जिससे डीपटेक उद्यमों को वैश्विक स्तर पर विस्तार करने के मार्ग तैयार किए जा सकें।

इस कार्यक्रम ने वैश्विक नवाचार शक्ति के रूप में भारत के उभरते स्वरूप को रेखांकित किया, जहाँ अग्रणी संस्थान अनुसंधान को व्यावहारिक समाधानों में बदलने, स्टार्टअप्स की स्थापना को बढ़ावा देने और प्रौद्योगिकी-आधारित सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करने में केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में एक राष्ट्रव्यापी चयन के माध्यम से, 13 अग्रणी सेक्टरों से 120 स्टार्टअप्स को प्रदर्शन के लिए चुना गया, जिनमें से कई आई.आई.टी. दिल्ली से संबद्ध हैं।

भारत इनोवेट्स 2026 में आई.आई.टी. दिल्ली ने स्वास्थ्य सेवा, स्मार्ट टेक्सटाइल्स, रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए.आई.), क्वांटम संचार, ऊर्जा तथा सतत समाधानों के क्षेत्रों में अपने शोधकर्ताओं द्वारा विकसित अनेक नवोन्मेषी प्रौद्योगिकियों और उत्पादों का प्रदर्शन किया।

इन नवाचारों ने वैश्विक प्रौद्योगिकी क्षेत्र के अग्रणी विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं का विशेष ध्यान आकर्षित किया, जिससे संस्थान में सशक्त ट्रांसलेशनल अनुसंधान और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र की उत्कृष्टता उजागर हुई।

कार्यक्रम के दौरान आई.आई.टी. दिल्ली ने कई अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों जैसे (1) Institut Polytechnique de Paris (2) Institut Mines-Télécom (3) Université Grenoble Alpes के साथ कई समझौता ज्ञापनों (एम.ओ.यू.) पर हस्ताक्षर किए।

भारतीय और फ्रांसीसी स्टार्टअप तथा नवाचार पारिस्थितिकी तंत्रों के बीच सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए, आई.आई.टी. दिल्ली के अभिनव परिवर्तन एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण प्रतिष्ठान (FITT) ने (1) डी.डी.आई. (Descartes Développement & Innovation) इन्क्यूबेटर, (2) Racine ds France और (3) जी2आई वेंचर्स (G2i Ventures) के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए।

आई.आई.टी. दिल्ली ने सोरबोन विश्वविद्यालय के साथ जैव विज्ञान में संयुक्त पीएच.डी. तथा संयुक्त स्नातकोत्तर कार्यक्रम शुरू किया है। इसके अतिरिक्त, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (International Solar Alliance) के साथ "सौर प्रणालियाँ और प्रबंधन  सोलर सिस्टम्स एंड मैनेजमेंट)” विषय में संयुक्त अंतरराष्ट्रीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा कार्यक्रम भी प्रारंभ किया है।

आई.आई.टी. दिल्ली के डीपटेक संकाय प्रेरित स्टार्टअप CYRAN-AI ने फ्रांस की अग्रणी एयरोस्पेस एवं रक्षा कंपनी Safran Aircraft Engines के साथ एक रणनीतिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

यह साझेदारी अगली पीढ़ी के सटीक विनिर्माण प्रक्रियाओं और एयरो-इंजन एम.आर.ओ. संचालन के स्वचालित निरीक्षण तथा भविष्यसूचक रखरखाव के लिए CYRAN के उन्नत रियल-टाइम मल्टी-सेंसर एज ए.आई. प्लेटफ़ॉर्म OS का उपयोग करेगी।

CYRAN-AI ने Dutch सेमीकंडक्टर कंपनी Innatera के साथ एक और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य एज वियरेबल्स और इंटेलिजेंट सेंसिंग अनुप्रयोगों के लिए उन्नत अल्ट्रा-लो-पावर न्यूरोमॉर्फिक फिजिकल ए.आई. का विकास करना है।

भारत इनोवेट्स 2026 के दौरान हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन आई.आई.टी.दिल्ली की अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को मजबूत करने और उसके वैश्विक अनुसंधान प्रभाव क्षेत्र का विस्तार करने की रणनीति में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि को दर्शाते हैं। संस्थानों और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्रों की परस्पर पूरक क्षमताओं का लाभ उठाते हुए, इन सहयोगों से सततता, स्वास्थ्य, डिजिटल प्रौद्योगिकियों, उन्नत विनिर्माण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में साझा वैश्विक चुनौतियों का समाधान होने की अपेक्षा है।

इस अवसर पर, प्रो. रंगन बनर्जी, निदेशक, आई.आई.टी. दिल्ली ने कहा, “भारत इनोवेट्स 2026 वैश्विक स्तर पर भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को स्थापित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। हम मानते हैं कि फ्रांसीसी विश्वविद्यालयों के साथ हमारे शोध और नवाचार सहयोग में महत्त्वपूर्ण तालमेल है, और हम मिलकर भारत, फ्रांस और उससे आगे की समस्याओं के समाधान के लिए नवाचार और सह-निर्माण कर सकते हैं। आई.आई.टी. दिल्ली का सोरबोन विश्वविद्यालय और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (International Solar Alliance) के साथ सहयोग तथा अनेक समझौता ज्ञापनों के माध्यम से स्थापित नई साझेदारियाँ, मजबूत और दीर्घकालिक अंतरराष्ट्रीय सहयोगों के निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। ये सहभागिताएँ अनुसंधान के व्यावहारिक अनुप्रयोग को गति देंगी, हमारे नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेंगी और ऐसे समाधान तैयार करने में मदद करेंगी जो वैश्विक चुनौतियों का सामना कर सकें।”

जैसे-जैसे भारत विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी स्थिति को सुदृढ़ कर रहा है, आई.आई.टी. दिल्ली ज्ञान सृजन को आगे बढ़ाने, भविष्य के लीडर्स को तैयार करने और राष्ट्रीय विकास और वैश्विक कल्याण में योगदान देने वाले परिवर्तनकारी समाधान विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Press Release issued on: 15-06-2026