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Publish Date: May 27, 2026

आई.आई.टी. दिल्ली से युवा संगम चरण-VI के अंतर्गत 45-सदस्यीय दिल्ली युवा प्रतिनिधिमंडल छत्तीसगढ़ के लिए रवाना

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नई दिल्ली: युवा संगम-VI के नोडल उच्च शिक्षा संस्थानों में से एक आई.आई.टी. दिल्ली ने शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के एक भारत श्रेष्ठ भारत (ई.बी.एस.बी.) पहल के तहत युवा संगम चरण-VI के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की अनुभवात्मक यात्रा पर जाने वाले दिल्ली युवा प्रतिनिधिमंडल के लिए ओरिएंटेशन एवं फ्लैग-ऑफ़ समारोह का आयोजन किया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य अनुभवात्मक अंतर-राज्यीय दौरों के माध्यम से युवाओं के बीच जन संपर्क को सुदृढ़ करना है। चरण-VI के अंतर्गत दिल्ली के युवा प्रतिनिधि छत्तीसगढ़ की यात्रा करेंगे, जहाँ आई.आई.टी. भिलाई लगभग एक सप्ताह तक प्रतिनिधिमंडल की मेज़बानी करेगा। युवा संगम चरण-VI का संचालन आई.आई.टी. दिल्ली के अकादमिक आउटरीच एंड नई पहलें कार्यालय द्वारा किया जा रहा है।

23 मई, 2026 को आयोजित इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में श्री गोविंद जायसवाल, आई.ए.एस., संयुक्त सचिव (टी.ई.एल. एंड लैंग्वेजेज़), उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार उपस्थित रहे। आई.आई.टी. दिल्ली का प्रतिनिधित्व प्रो. अरविंद के. नेमा, उप निदेशक (प्रचालन), आई.आई.टी. दिल्ली ने किया। शिक्षा मंत्रालय के सलाहकार, श्री सुरेंद्र टी. नाइक भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ डिज़ाइन विभाग के प्रो. सौरभ तिवारी द्वारा किया गया, जिन्होंने उस दिवस के लिए संकाय प्रभारी की भूमिका निभाई।

इस पहल के अंतर्गत दिल्ली के विभिन्न जिलों एवं संस्थानों से 45 युवा प्रतिनिधियों के एक समूह का चयन किया गया है, जिसमें 24 महिला एवं 21 पुरुष प्रतिभागी सम्मिलित हैं। ये प्रतिभागी कला, विज्ञान, इंजीनियरी, वाणिज्य, नेशनल कैडेट कॉर्प्स (एन.सी.सी.) तथा नेशनल सर्विस स्कीम (एन.एस.एस.) जैसे विविध क्षेत्रों से संबंधित हैं। यह शैक्षिक-सांस्कृतिक दौरा पाँच विषयगत स्तंभों पर्यटन (टूरिज्म), परंपरा (ट्रेडिशंस एंड कल्चर), प्रगति (डेवलपमेंट एंड गवर्नेंस), पारस्परिक संपर्क (पीपल-टू-पीपल कनेक्ट) तथा प्रौद्योगिकी (टेक्नॉलजी एंड इनोवेशन)  पर आधारित है।

प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए श्री गोविंद जायसवाल, आई.ए.एस., संयुक्त सचिव (टी.ई.एल. एंड लैंग्वेजेज़), उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, “.....आप देश का भविष्य हैं और आपको यह अवसर हमारे राष्ट्र की सांस्कृतिक विविधता का अनुभव प्राप्त करने हेतु दिया जा रहा है, ताकि आप केवल क्षेत्रीय सीमाओं तक सीमित न रहें... विकसित भारत 2047 के विज़न को साकार करने की ज़िम्मेदारी देश के युवाओं के कंधों पर है......”

आई.आई.टी. भिलाई द्वारा निर्धारित इस  यात्रा कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिनिधियों को भोरमदेव मंदिर, राजिम, सिरपुर, रानीदहरा जलप्रपात तथा सरोदा बांध जैसे ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण स्थलों के भ्रमण के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य की समग्र झलक प्रदान करना है।

अनुभवात्मक शिक्षण के अंतर्गत प्रतिनिधियों को भिलाई स्टील प्लांट के संचालन को देखने तथा छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र, छत्तीसगढ़ ट्राइबल म्यूज़ियम एवं पुरखौती मुक्तांगन जैसे संस्थानों के भ्रमण का अवसर प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त, प्रतिनिधिमंडल की छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल के साथ संवाद सत्र में भी सहभागिता होगी। यह शैक्षिक-सांस्कृतिक दौरा प्रतिनिधियों में भविष्य के प्रति दृष्टिकोण, विभिन्न क्षेत्रों की परंपराओं के प्रति सम्मान तथा समावेशिता की भावना विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है, जो एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को प्रतिबिंबित करता है।

‘युवा संगम’ मात्र एक अध्ययन भ्रमण नहीं, बल्कि युवा-नेतृत्व वाले राष्ट्र-निर्माण की एक सार्थक प्रतिबद्धता है। यह पहल शैक्षिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के साथ-साथ सेवा, उत्तरदायित्व, पारस्परिक सम्मान और राष्ट्रीय एकीकरण के मूल्यों को भी आत्मसात कराती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप एक अनुभवात्मक अधिगम मंच के रूप में ‘युवा संगम’ भारत के युवाओं को देश की विविधता को निकट से समझने तथा संवेदनशील, जागरूक एवं भविष्य उन्मुख नागरिक के रूप में विकसित होने का अवसर प्रदान करता है।