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Publish Date: May 20, 2026

हाई स्कूल की छात्राओं हेतु भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली के STEM मेंटरशिप कार्यक्रम के पाँचवें बैच का ग्रीष्मकालीन चरण सफलतापूर्वक संपन्न।

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(फ़ोटो: आई.आई.टी. दिल्ली में प्रयोगशाला सत्र के दौरान ‘मनस्वियाँ’)

नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली की प्रयोगशालाएँ और व्याख्यान कक्ष इस बार केवल अपनी सामान्य शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि वे ‘मनस्वी: हाई स्कूल छात्राओं हेतु STEM मेंटरशिप कार्यक्रम’ के लिए दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से आईं कक्षा 9 से 12 तक की 120 महत्वाकांक्षी छात्राओं की उत्साहपूर्ण उपस्थिति से जीवंत हो उठे।

‘मनस्वी’ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली के अकादमिक आउटरीच एवं नई पहलें कार्यालय की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य युवा छात्राओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) के क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना है। ‘मनस्वी’ के पाँचवें बैच में 120 छात्राओं ने भाग लिया। इस बैच की विशेषता यह रही कि पिछले बैचों के विपरीत, इस बार सभी छात्राएँ दिल्ली-एनसीआर के सरकारी स्कूलों से थीं।

कार्यक्रम के पाँचवें बैच के उद्घाटन सत्र की शुरुआत प्रो. रंगन बनर्जी, निदेशक, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली के स्वागत भाषण से हुई। अपने संबोधन में उन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्य, अर्थात STEM करियर में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, पर प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली ने इस दिशा में क्या-क्या पहलें की हैं।

प्रो. रंगन बनर्जी ने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा, “महिलाएँ कुछ भी कर सकती हैं और उसे बखूबी कर सकती हैं। कोई भी पारंपरिक कार्य—चाहे वह स्टील बनाना हो, सीमेंट के साथ काम करना हो, इमारतों का निर्माण करना हो, कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर कार्य करना हो, अंतरिक्ष में जाना हो, रॉकेट बनाना हो, या फिर स्वास्थ्य सेवाओं तथा उनके नवीनतम विकास से जुड़े कार्य हों—आप जो चाहें वह कर सकती हैं। आपके लिए अवसरों की एक पूरी दुनिया मौजूद है, इसलिए कभी यह न सोचें कि कोई कार्य आपकी क्षमता से बाहर है।”

कार्यक्रम के बारे में बात करते हुए उन्होंने आगे कहा, “हमने इस कार्यक्रम को इस तरह तैयार किया है कि आपको इंजीनियरिंग और विज्ञान के वास्तविक स्वरूप को समझने का अवसर मिल सके। इस कार्यक्रम की रूपरेखा इस प्रकार तैयार की गई है कि विभिन्न करियर क्षेत्रों में कार्यरत हमारे पूर्व छात्र-छात्राएँ आपसे संवाद करें, विभिन्न विषयों पर व्याख्यान आयोजित हों तथा प्रयोगशालाओं में प्रायोगिक गतिविधियाँ कराई जाएँ, ताकि आप स्वयं यह तय कर सकें कि भविष्य में आप क्या करना चाहती हैं। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली में, हम आपकी इस यात्रा में आपका सहयोग करना चाहते हैं।”

पाँचवें बैच का प्रत्येक दिन एक अनौपचारिक सत्र के साथ शुरू होता था, जिसके बाद भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली के किसी संकाय सदस्य या STEM क्षेत्र की किसी वरिष्ठ महिला लीडर द्वारा एक शैक्षणिक या नेतृत्व संबंधी सत्र आयोजित किया जाता था। दोपहर का समय मेकर्सस्पेस टीम द्वारा कराई जाने वाली अनुभवात्मक शिक्षण गतिविधियों के लिए समर्पित था। इन सत्रों में छात्राओं ने इलेक्ट्रिक सर्किट्स के साथ काम करना सीखा और अपने स्वयं के सोलर लैंप भी बनाए।

अंतिम दिन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली के जैव-रासायनिक इंजीनियरिंग और जैव प्रौद्योगिकी विभाग में एक प्रयोगशाला सत्र भी आयोजित किया गया, जहाँ आणविक जीवविज्ञान (मॉलिक्यूलर बायोलॉजी) के प्रयोग आनंददायक और सहभागितापूर्ण ढंग से कराए गए।

सुरभि यादव, संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), ‘साझे सपने’ ने मुख्य वक्तव्य सत्र ‘Career Ki Pahelwani’ में छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ खुलकर अपनी बात रखने के लिए प्रेरित किया। इसके उपरांत महिला नेतृत्वकर्ता एवं पूर्व छात्रा अनु मीणा, संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, Kind Fertility, ने भी छात्राओं को संबोधित किया।

                        

दोपहर के मेकर्सस्पेस सत्रों का नेतृत्व प्रो. जय धारीवाल ने अपनी टीम के सहयोग से किया। छात्राओं में STEM के प्रति जिज्ञासा जगाने के उद्देश्य से तैयार किए गए शैक्षणिक सत्र भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली के संकाय सदस्यों—प्रो. श्वेता वेंकटाचारी, प्रो. माया रामनाथ और प्रो. सुषमा संतापुरी—द्वारा संचालित किए गए, जबकि प्रो. प्रीति श्रीवास्तव ने अपनी विद्यार्थी टीम के साथ मिलकर छात्राओं के लिए एक प्रयोगशाला सत्र का आयोजन किया।

कार्यक्रम में महिला नेतृत्वकर्ता आशा दुग्गी और उनकी टीम के सहभागितापूर्ण सत्र भी शामिल थे। साथ ही, प्रो. रविंदर कौर के नेतृत्व में STEMtheGap टीम, जिसमें अभिलाषा सिन्हा एवं हरिणी कुप्पा शामिल थीं, ने “Dream Bigger: Exploring Your Place in STEM” विषयक विशेष सत्र प्रस्तुत किया।

                        

कार्यक्रम के ग्रीष्मकालीन चरण का समापन स्क्वाड्रन लीडर नेहा देवी के विशेष संबोधन के साथ हुआ, जहाँ उन्होंने साहस, धैर्य और दृढ़ संकल्प से प्रेरित अपनी जीवन-यात्रा साझा की।

पाँचवें बैच की प्रतिभागी और केवी सेक्टर-12, दिल्ली की 11वीं कक्षा की विद्यार्थी मानसी पनहेरका ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, 

“इस सत्र के माध्यम से मुझे सिविल एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग तथा समाज में उनकी भूमिका की जानकारी मिली। साथ ही, STEM क्षेत्रों में महिलाओं की सहभागिता के महत्व को भी समझने का अवसर मिला। इस अनुभव ने STEM विषयों के प्रति मेरी रुचि बढ़ाई और मुझे पूर्वाग्रहों से परे आत्मविश्वास के साथ सोचने के लिए प्रेरित किया।”

केंद्रीय विद्यालय, गोल मार्केट, दिल्ली की कक्षा 9 की विद्यार्थी मीनाक्षी पांडेय ने कहा, “हमने वहाँ (प्रयोगशाला में) विभिन्न प्रायोगिक गतिविधियों में भाग लिया, जिनका मैंने भरपूर आनंद लिया। सबसे पहले हमने एगारोज़ जेल इलेक्ट्रोफोरेसिस किया, जिसमें नमूनों को स्वयं वेल्स में लोड करना मेरे लिए बेहद अद्भुत अनुभव था। इसके बाद हमने केले से डी.एन.ए. निष्कर्षण की गतिविधि की। अंत में, हमने इमल्शन इंडेक्स परीक्षण किया, जिसमें बायोसर्फैक्टेंट्स को तेल में मिलाकर बनने वाली इमल्शन परत का अवलोकन किया।”

उन्होंने आगे कहा, “सेमिनार हॉल में आयोजित सत्र बेहद प्रेरक और उत्साहवर्धक था, खासकर सुश्री नेहा देवी की कहानी। उनके संघर्ष और सफलता की यात्रा ने मुझे बहुत प्रभावित किया। इससे मुझे विश्वास मिला कि मैं भी अभी से अपने जीवन में बड़े लक्ष्य प्राप्त कर सकती हूँ।”

ग्रीष्मकालीन चरण में ‘मनस्वियों’ ने अकादमिक विषयों को पारंपरिक कक्षा-पद्धति से अलग एक अनुभवात्मक शैली में सीखा। इसके पश्चात उन्हें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली की विभिन्न पहलों, मुख्यतः मासिक STS-Spins व्याख्यानों के जरिए पूरे वर्ष निरंतर जोड़े रखा जाएगा। कार्यक्रम का शीतकालीन चरण इसी बैच के लिए जनवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम को लगातार दूसरी बार भारती एयरटेल फाउंडेशन द्वारा आंशिक प्रायोजन प्राप्त हुआ है।

                        

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