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Publish Date: August 5, 2026

भारत की कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर सुरक्षा क्षमताओं को सशक्त बनाने के लिए सिस्को और आई.आई.टी. दिल्ली द्वारा 'सिस्को टेक्नॉलजी हब' की शुरुआत

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(बाएँ से दाएँ: सुश्री डेज़ी चिट्टिलापिल्ली, अध्यक्ष, सिस्को इंडिया एवं दक्षिण एशिया; प्रो. अश्विनी के. अग्रवाल, संकायाध्यक्ष (अनुसंधान एवं विकास), आई.आई.टी. दिल्ली; प्रो. अरविंद के. नेमा, उप निदेशक, आई.आई.टी. दिल्ली; प्रो. जयंत जैन, संकायाध्यक्ष (कॉरपोरेट संबंध), आई.आई.टी. दिल्ली)

• सिस्को और आई.आई.टी. दिल्ली ने ए.आई. और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान, कौशल विकास तथा पारिस्थितिकी तंत्र सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए ।

• विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा उद्योग से जुड़े हितधारकों को प्रशिक्षण, अनुसंधान पहलों और ज्ञान – विनिमय के अवसरों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा।

• सिस्को के  कंट्री डिजिटल एक्सेलरेशन प्रोग्राम द्वारा समर्थित यह हब सरकारी नीति-निर्माताओं के साथ मिलकर डिजिटल रूपरेखाओं, सुरक्षा मानकों और रणनीतिक दिशानिर्देशों के विकास को गति देगा, जिससे भारत में एक सुदृढ़, सुरक्षित और अधिक सक्षम डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित किया जा सके।

नई दिल्ली:  सिस्को और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.टी.) दिल्ली ने आज ए.आई. और साइबर सुरक्षा पर केंद्रित 'सिस्को टेक्नॉलजी हब' के शुभारंभ की घोषणा की, जिसका उद्देश्य देश में अनुसंधान को बढ़ावा देना, कौशल विकास को प्रोत्साहित करना तथा ए.आई. और साइबर सुरक्षा के पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाना है। यह साझेदारी सिस्को की प्रौद्योगिकी विशेषज्ञता और आई.आई.टी. दिल्ली के शैक्षणिक नेतृत्व को एक साथ लाती है, जिससे नवाचार को बढ़ावा दिया जा सके, ज्ञान के आदान-प्रदान को सक्षम बनाया जा सके और अत्यधिक कुशल डिजिटल कार्यबल के विकास में सहायता मिल सके।

नवाचार और डिजिटल विश्वास के लिए एक केंद्र का निर्माण

प्रौद्योगिकी केंद्र का उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर सुरक्षा अनुसंधान, नवाचार और प्रतिभा विकास के लिए एक प्रमुख केंद्र बनना है। भारत की डिजिटल परिवर्तन प्राथमिकताओं के अनुरूप और महत्त्वपूर्ण अवसंरचना की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, यह तीन वर्षीय साझेदारी सरकारी हितधारकों के साथ मिलकर डिजिटल रूपरेखाओं और सुरक्षा मानकों को मजबूत करने का कार्य करेगी। साथ ही, वास्तविक जीवन की चुनौतियों के लिए नवोन्मेषी समाधान सह-विकसित किए जाएंगे, जिससे देश में अधिक सुदृढ़ और भविष्य के लिए तैयार डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण हो सके।

इस अवसर पर प्रो. जयंत जैन, संकायाध्यक्ष, कॉर्पोरेट संबंध, आई.आई.टी. दिल्ली ने कहा,  यह साझेदारी उद्योग जगत के साझेदारों के साथ ज्ञान के आदान-प्रदान और संयुक्त रूप से नवाचार को बढ़ावा देने के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है। इस पहल के माध्यम से हमारा उद्देश्य नवाचार को बढ़ावा देना, भविष्य के लिए तैयार प्रतिभाओं का विकास करना और भारत के डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत बनाने में योगदान देना है।” 

प्रो. अश्विनी के. अग्रवाल, संकायाध्यक्ष (अनुसंधान एवं विकास), आई. आई. टी. दिल्ली भी समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर समारोह में उपस्थित थे। उन्होंने रेखांकित किया कि यह साझेदारी ए.आई. और साइबर सुरक्षा में आई.आई.टी. दिल्ली की अनुसंधान क्षमताओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ भारत के डिजिटल भविष्य को आकार देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस साझेदारी के संबंध में सिस्को इंडिया एवं साउथ एशिया की अध्यक्ष डेज़ी चिट्टिलापिल्ली ने कहा, “भारत में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा जगत, उद्योग और सरकार के बीच मजबूत साझेदारी बेहद महत्त्वपूर्ण है। आई.आई.टी. दिल्ली के साथ हमारी यह साझेदारी अनुसंधान और तकनीकी विशेषज्ञता के समन्वय के माध्यम से अत्याधुनिक ए.आई. अनुसंधान को बढ़ावा देगी, ए.आई. एवं साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के लिए सुरक्षित समाधान विकसित करेगी और साथ ही भावी पीढ़ी के ऐसे कुशल प्रतिभावान युवाओं को तैयार करेगी, जो भारत के डिजिटल भविष्य को आकार देंगे।”

यह हब अनुसंधान, प्रतिभा-विकास और पारिस्थितिकी तंत्र के साथ सक्रिय सहभागिता पर केंद्रित होगा।

अनुसंधान और नवाचार को आगे बढ़ाना

यह हब ए.आई. और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में मौलिक एवं अनुप्रयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा देगा, जिसमें सैद्धांतिक आधार से लेकर व्यावहारिक अनुप्रयोगों तक के पहलुओं को शामिल किया जाएगा। यह विद्यार्थियों को डिजिटल खतरों से निपटने के लिए सक्षम बनाएगा। पीएच.डी. और एम.टेक. विद्यार्थियों के लिए अनुदान एवं फेलोशिप के साथ-साथ एक चेयर ऑफ़ एक्सीलेंस, टेक्नॉलजी हब से जुड़े अनुसंधान परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। सिस्को की वैश्विक अनुसंधान टीमों के साथ संयुक्त साझेदारी से उद्योग की चुनौतियों और उभरते हुए खतरे के परिदृश्यों का समाधान करने में मदद मिलेगी। यह हब आई.आई.टी. दिल्ली के शोधार्थियों को सरकारी नीतियों, नियामक अवसंरचनाओं और तकनीकी प्रभावों से जुड़ी चर्चाओं में योगदान देने के लिए श्वेत पत्र (व्हाइट पेपर) प्रकाशित करने में भी सहायता करेगा।

क्षमता और कार्यबल कौशल का विकास

यह हब, सिस्को नेटवर्किंग अकादमी (NetAcad) के साथ मिलकर विकसित सतत शिक्षा कार्यक्रम (CEP) के माध्यम से उद्योग जगत के पेशेवरों और सरकारी क्षेत्र के कर्मियों के लिए विशेष पाठ्यक्रम उपलब्ध कराएगा। सिस्को एक अत्याधुनिक साइबर रेंज भी स्थापित करेगा, जो आई.टी. और ओ.टी. खतरों का अनुकरण करने में सक्षम होगी; इस सुविधा के माध्यम से विद्यार्थी सिमुलेशन-आधारित प्रशिक्षण द्वारा व्यावहारिक साइबर रक्षा रणनीतियों के विकास और परीक्षण का अनुभव प्राप्त करेंगे। यह हब सरकारी संस्थाओं और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पी.एस.यू.) के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों, साइबर सुरक्षा जोखिमों और सर्वोत्तम प्रथाओं पर केंद्रित अल्पावधि प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करेगा।

विचार नेतृत्व और पारिस्थितिकी तंत्र में सहभागिता को बढ़ावा देना

यह हब उद्योग, शिक्षा जगत और सरकार के बीच संवाद एवं सहयोग के लिए एक साझा मंच के रूप में कार्य करेगा। इन पहलों के तहत साइबर सुरक्षा कार्यशालाओं, अनुसंधान मंचों और वार्षिक ‘सिक्योरिटी एंड ट्रस्ट समिट’ का आयोजन किया जाएगा। इन आयोजनों के माध्यम से देशभर के विशेषज्ञ उभरती प्रौद्योगिकियों और साइबर सुरक्षा की चुनौतियों पर चर्चा करेंगे तथा अत्याधुनिक अनुसंधान और सुरक्षा संबंधी नवाचारों को प्रदर्शित करेंगे।

सिस्को के कंट्री डिजिटल एक्सेलरेशन प्रोग्राम द्वारा समर्थित

यह हब सिस्को के कंट्री डिजिटल एक्सेलरेशन प्रोग्राम का हिस्सा है, जो महत्त्वपूर्ण डिजिटल अवसंरचना के निर्माण, साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने के लिए सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत के साथ साझेदारी करता है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल परिवर्तन संबंधी प्राथमिकताओं को गति देने के लिए 56 देशों में 1,700 से अधिक परियोजनाएं पूरी की जा चुकीं हैं।

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सिस्को के बारे में

सिस्को (NASDAQ: CSCO) प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दुनिया की अग्रणी कंपनियों में से एक है, जो ए.आई. के युग में संगठनों को जोड़ने और सुरक्षित रखने के तरीकों को नई दिशा दे रही है। पिछले 40 से अधिक वर्षों से सिस्को ने दुनिया को सुरक्षित रूप से जोड़ने में योगदान दिया है।  अपने उद्योग-अग्रणी ए.आई.-संचालित समाधानों और सेवाओं के माध्यम से, सिस्को अपने ग्राहकों, साझेदारों और समुदायों को नवाचार को बढ़ावा देने, उत्पादकता बढ़ाने और डिजिटल लचीलेपन को मज़बूत करने में सक्षम बनाता है। अधिक जानकारी के लिए द न्यूज़रूम देखें और X पर हमें @Cisco के माध्यम से फॉलो करें।

आई. आई. टी. दिल्ली के बारे में

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली उच्च शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में भारत के अग्रणी संस्थानों में से एक है। वर्ष 1961 में राष्ट्रीय महत्त्व के संस्थान के रूप में स्थापित, आई.आई.टी. दिल्ली भारत में विज्ञान, इंजीनियरी और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रशिक्षण, अनुसंधान एवं विकास के लिए उत्कृष्टता केंद्र के रूप में स्थापित किए गए 23 आई.आई.टी. में से एक है। वर्ष 1961 में अपनी स्थापना के बाद, आई.आई.टी. दिल्ली से  60,000 से अधिक विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई हैं, जिनमें 7,000 से अधिक पीएच.डी. धारक शामिल हैं। संस्थान के अनेक पूर्व विद्यार्थियों ने प्रौद्योगिकी, व्यवसाय, राजनीति सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।