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Publish Date: July 3, 2026

भारत के मेडटेक इकोसिस्टम को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक और कदम – आई.आई.टी. दिल्ली के mPragati में सी.एन.सी. तथा स्टेरिलाइज़ेशन व पैकेजिंग प्रयोगशाला का उद्घाटन

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                               (फोटो: डॉ. राजीव बहल, महानिदेशक, आई.सी.एम.आर. द्वारा स्टेरिलाइज़ेशन व पैकेजिंग सुविधा का उद्घाटन)

नई दिल्ली: आई.आई.टी. दिल्ली सहर्ष घोषणा करता है कि चिकित्सा उपकरणों एवं नैदानिक प्रौद्योगिकियों में नवाचार को प्रोत्साहित करने हेतु समर्पित उसके राष्ट्रीय ट्रांसलेशनल प्लेटफ़ॉर्म mPragati में अत्याधुनिक सी.एन.सी. तथा स्टेरिलाइज़ेशन व पैकेजिंग प्रयोगशाला का उद्घाटन किया गया है। डॉ. राजीव बहल, सचिव, स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग, भारत सरकार एवं महानिदेशक, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आई.सी.एम.आर.) ने इन सुविधाओं का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर डॉ. सुचिता मार्कन, अध्यक्ष, नवाचार एवं ट्रांसलेशन अनुसंधान, आई.सी.एम.आर.; प्रो. रंगन बनर्जी, निदेशक, आई.आई.टी. दिल्ली; प्रो. अश्विनी अग्रवाल, संकायाध्यक्ष (अनु. एवं वि.); प्रो. मणिदीपा बनर्जी, अध्यक्ष, सी.आर.एफ.; तथा प्रो. दिनेश कल्याणसुंदरम, समन्वयक, mPragati आई.आई.टी. दिल्ली उपस्थित थे।

सी.एन.सी. सुविधा चिकित्सा प्रत्यारोपण, शल्य चिकित्सा उपकरणों, दंत उपकरणों तथा नैदानिक घटकों के लिए अत्याधुनिक सटीक मशीनिंग प्रदान करती है — जो प्रमाणित जैव-संगत (biocompatible) सामग्रियों के साथ स्वदेशी निर्माण को सक्षम बनाती है।


                                         (फोटो: डॉ. राजीव बहल, महानिदेशक, आई.सी.एम.आर., सी. एन. सी. सुविधा का दौरा करते हुए)

उन्नत मल्टी-एक्सिस मशीनिंग, स्विस-टाइप टर्निंग तथा हाई-स्पीड मिलिंग के साथ, यह सी. एन. सी. सुविधा रोगी-विशिष्ट एवं मानकीकृत दोनों प्रकार के घटकों का समर्थन करती है। यह सुविधा भारत की मेडटेक (चिकित्सा प्रौद्योगिकी) मूल्य शृंखला में मौजूद एक महत्त्वपूर्ण कमी को दूर करते हुए आयात पर निर्भरता को कम करती है तथा प्रोटोटाइप को नैदानिक रूप से उपयोग योग्य उत्पादों में बदलने की को गति प्रदान करती है।


                                      (फोटो: आई.सी.एम.आर. के महानिदेशक, स्टेरिलाइज़ेशन व पैकेजिंग सुविधा का दौरा करते हुए)

स्टेरिलाइज़ेशन व पैकेजिंग सुविधा चिकित्सा उपकरणों, निदान और जैव चिकित्सा उत्पादों के विकास, सत्यापन, स्टेरिलाइज़ेशन व पैकेजिंग के लिए एक सम्पूर्ण अवसंरचना प्रदान करती है। यह सुविधा उन्नत स्टेरिलाइज़ेशन प्रणालियों से सुसज्जित है, जिनमें एथिलीन ऑक्साइड (EtO) और स्टीम ऑटोक्लेव शामिल हैं; साथ ही प्रिसिजन डिवाइस असेंबली वर्कस्टेशंस, ऑटोमेटेड रिएजेंट डिस्पेंसिंग प्रणाली, रिएजेंट एवं उत्पाद की शेल्फ-लाइफ वैलिडेशन के लिए स्टेबिलिटी चैंबर्स, हाई-प्रिसिजन लेज़र वेल्डिंग प्रणाली, लेज़र मार्किंग तथा बैच कोडिंग एवं उत्पाद ट्रेसएबिलिटी के साथ एकीकृत सुरक्षित वैक्यूम पैकेजिंग प्रणाली भी उपलब्ध है।

 

इन क्षमताओं को और भी सशक्त बनाने के लिए, अत्याधुनिक जैविक एवं आणविक परीक्षण अवसंरचना उपलब्ध है जिसमें थर्मल साइक्लर, रियल-टाइम पी.सी.आर. प्रणाली ट्रांस-ब्लॉट प्रणाली, जेल इलेक्ट्रोफोरेसिस और जेल डॉक्यूमेंटेशन प्रणाली, हाई-स्पीड अल्ट्रासेंट्रीफ्यूज, HPLC, CO₂ इन्क्यूबेटर्स, फ्लोरोसेंस माइक्रोस्कोपी, मैमेलियन सेल कल्चर के लिए बायोसेफ्टी कैबिनेट्स तथा अल्ट्रा-लो टेम्परेचर स्टोरेज शामिल हैं।

ये सभी सुविधाएँ मिलकर आणविक निदान, विश्लेषणात्मक परीक्षण, जैविक सत्यापन, स्टेरिलिटी एश्योरेंस, गुणवत्ता नियंत्रण तथा नियामक अनुपालन का समर्थन करती हैं, जिससे नवोन्मेषी चिकित्सा तकनीकों को प्रयोगशाला अनुसंधान से नैदानिक एवं व्यावसायिक उपयोग तक ले जाना संभव होता है।

रणनीतिक प्रभाव एवं राष्ट्रीय संरेखण

ये सुविधाएँ प्रयोगशाला नवाचार और उत्पाद व्यावसायीकरण के बीच की दूरी को कम करती हैं, चिकित्सा क्षेत्र में आयातित सटीक घटकों एवं उपकरणों पर निर्भरता को कम करती हैं तथा रोगी देखभाल को बेहतर बनाने के लिए स्वदेशी तकनीकों के तेजी से क्रियान्वयन को बढ़ावा देती हैं। ये सुविधाएँ आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाले चिकित्सा उपकरणों के डिज़ाइन, सत्यापन और व्यावसायीकरण की भारत की क्षमता को सीधे सुदृढ़ करती हैं। साथ ही, ये आई.सी.एम.आर. के ट्रांसलेशनल बायोमेडिकल अनुसंधान के मिशन को समर्थन प्रदान करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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