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Publish Date: July 27, 2026

आई.आई.टी. दिल्ली ने ‘संरचना 2026’ में जीते शीर्ष तीन पुरस्कार

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नई दिल्ली:  भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली के वस्त्र एवं रेशा इंजीनियरी विभाग ने राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन (NTTM) के अंतर्गत भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के सहयोग से टीबीडी परिसर (TBD Campus) द्वारा आयोजितसंरचना 2026: प्रोडक्ट डेवलपमेंट एंड डिज़ाइन हैकाथॉन’ में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।

आई.आई.टी. दिल्ली के वस्त्र एवं रेशा इंजीनियरी विभाग के प्रो. हारून वेंकटेशन के मार्गदर्शन में विकसित तीन अनुसंधान-आधारित नवाचारों को देशभर से प्राप्त 700 से अधिक आवेदनों तथा अंतिम 31 प्रतिभागियों  के बीच 'शीर्ष तीन सर्वश्रेष्ठ नवाचारी विचारों' (टॉप थ्री इनोवेटिव आइडियाज़) में स्थान प्राप्त हुआ। इससे पता चलता है कि आई.आई.टी. दिल्ली उन्नत अनुसंधान को प्रभावशाली एवं उद्योग के लिए उपयोगी तकनीकी  वस्त्र समाधानों में रूपांतरित करने की दिशा में बेहतरीन काम कर रहा है। तकनीकी वस्त्रों के क्षेत्र में उत्कृष्ट नवाचारों और भारत में इस क्षेत्र की प्रगति में महत्त्वपूर्ण योगदान के लिए भारत सरकार के केंद्रीय वस्त्र मंत्री, श्री गिरिराज सिंह द्वारा इन तीनों नवप्रवर्तकों को सम्मानित किया गया।

श्री सुदीप्तो बेहरा और श्रीमती सुकृति बलियान (पीएच.डी. शोधार्थी) द्वारा प्रस्तुत दूसरा नवाचार, अत्यधिक ठंडे वातावरण में कार्यरत सैनिकों, आपदा राहत दलों तथा पर्वतारोहियों के लिए विकसित अत्यंत हल्के एरोजेल-आधारित स्लीपिंग बैग एवं मैट्रेस प्रणाली पर केंद्रित है। हाइड्रोफोबिक सिलिका एरोजेल को बहु-स्तरीय कार्यात्मक वस्त्रों (मल्टीलेयर फंक्शनल टेक्सटाइल्स) के साथ एकीकृत कर विकसित की गई यह प्रणाली −60°C तक प्रभावी तापीय सुरक्षा प्रदान करती है। साथ ही यह हल्की, हवादार, वॉटरप्रूफ, धुलाई योग्य तथा ले जाने  में सुविधाजनक है। यह प्रौद्योगिकी रक्षा एवं आउटडोर उपयोगों के लिए उच्च-प्रदर्शन वाले स्वदेशी विकल्प प्रस्तुत करती है।

तीसरा नवाचार, ‘किसान-शील्ड (KISAN-SHIELD): भारतीय किसानों के लिए बहु-कार्यात्मक सुरक्षात्मक वस्त्र’ श्री संभास्कर सिंह (एम.टेक. स्नातक) द्वारा प्रस्तुत किया गया है। यह नवाचार किसानों के समक्ष आने वाले व्यावसायिक जोखिमों जैसे अत्यधिक गर्मी से उत्पन्न तनाव, पराबैंगनी (यू.वी.) विकिरण, वर्षा, आर्द्रता तथा कीटों के संपर्क जैसी चुनौतियों के समाधान पर केंद्रित है। इस मल्टी-फ़ंक्शनल कपड़े में पैसिव थर्मल कम्फर्ट, पानी से बचाव, यू.वी. सुरक्षा, हवा का आना-जाना (breathability), नमी को नियंत्रित करने और कीड़ों को दूर रखने जैसे गुण एक ही सुरक्षात्मक कपड़े में शामिल किए गए हैं। इसे एरोजेल-प्रेरित इंसुलेशन तथा सौर विकिरण प्रबंधन के सिद्धांतों का इस्तेमाल करके डिज़ाइन किया गया है; इस तकनीक का उद्देश्य किसानों की सुरक्षा, आराम और उत्पादकता को बढ़ाना है और साथ ही टिकाऊ कृषि सुरक्षात्मक कपड़ों को बढ़ावा देना है।

‘संरचना 2026’ में इन तीनों नवाचारों को शीर्ष अवधारणाओं में स्थान मिलना तकनीकी वस्त्रों के क्षेत्र में आई.आई.टी. दिल्ली के अग्रणी नेतृत्व को और सुदृढ़ करता है। साथ ही, यह उपलब्धि राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ की उस परिकल्पना को भी बल प्रदान करती है, जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, उद्योगोन्मुख एवं कार्यात्मक तकनीकी वस्त्र प्रौद्योगिकियों के विकास को प्रोत्साहित करना है।

इस हैकाथॉन का ग्रैंड फिनाले 14 से 17 जुलाई, 2026 तक नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित ‘भारत टेक्स 2026’ (Bharat Tex 2026) के दौरान संपन्न हुआ। इस आयोजन में तकनीकी वस्त्रों के क्षेत्र में  देशभर के अनेक उत्कृष्ट एवं नवोन्मेषी समाधानों का प्रदर्शन किया गया।