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Publish Date: June 18, 2026

आई.आई.टी. दिल्ली में युवा संगम चरण VI के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के युवा प्रतिनिधिमंडल का स्वागत

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नई दिल्ली: आई.आई.टी. दिल्ली ने भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम की प्रमुख पहल ‘युवा संगम’ के छठे चरण (फेज़-VI) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ से आए 48 युवा प्रतिभागियों के एक प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की। इस कार्यक्रम के लिए आई.आई.टी. दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली हेतु नोडल उच्च शिक्षण संस्थान (HEI) के रूप में नामित किया गया था, जबकि छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से आई.आई.टी. भिलाई ने साझेदार संस्थान के रूप में सहभागिता की।

‘युवा संगम’ का उद्देश्य देशभर के युवाओं के बीच आपसी जन-संपर्क संपर्क को सुदृढ़ करना है। इसके अंतर्गत प्रतिभागियों को साझेदार राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के जीवन के विभिन्न आयामों, विकास संबंधी उपलब्धियों, हालिया प्रगतियों तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रत्यक्ष एवं अनुभवात्मक परिचय प्रदान किया जाता है।

आई.आई.टी. दिल्ली में इस पहल का संचालन अकादमिक आउटरीच एवं नई पहलें कार्यालय द्वारा किया गया। भ्रमण के दौरान युवा प्रतिभागियों को पाँच प्रमुख क्षेत्रों—पर्यटन, परंपरा, प्रगति, पारस्परिक संपर्क (आपसी जन-संपर्क) और प्रौद्योगिकी—के अंतर्गत बहुआयामी अनुभव प्रदान किया गया।

                                                                        

आई.आई.टी. दिल्ली द्वारा तैयार यात्रा रूपरेखा के अंतर्गत प्रतिनिधियों को केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली का गहन अनुभव प्रदान किया गया। दिल्ली को अक्सर ‘मिनी इंडिया’ कहा जाता है, क्योंकि यहाँ एक ही शहर में पूरे देश की विविधता, संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिलती है। प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति भवन (मुख्य भवन), राष्ट्रपति भवन संग्रहालय, राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र, लोटस टेम्पल, इंडिया गेट, अक्षरधाम और दिल्ली हाट का भ्रमण किया। उन्होंने दिल्ली मेट्रो में यात्रा कर दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का भी अनुभव प्राप्त किया तथा भारत के सबसे बड़े शहरी परिवहन नेटवर्कों में से एक का प्रत्यक्ष अनुभव लिया। लोक निवास की यात्रा के दौरान प्रतिनिधियों ने दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल सरदार तरणजीत सिंह संधू से भेंट की, जिन्होंने युवाओं को नवाचार अपनाने, उद्यमशीलता को आगे बढ़ाने तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के प्रयास में असफलता से न डरने के लिए प्रोत्साहित किया।

                              

प्रतिनिधियों को भारत सरकार के माननीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में आयोजित एक संवाद सत्र में प्रतिभागिता का अवसर भी मिला। इस संवाद के दौरान युवा प्रतिनिधियों ने युवा संगम के अंतर्गत अपने अनुभव साझा किए तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति, युवाओं की आकांक्षाओं और शैक्षिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्रीय एकीकरण के महत्त्व से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।

इस कार्यक्रम का समापन दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के कार्यालय में एक विशेष समापन समारोह के साथ हुआ, जिसमें प्रतिनिधियों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में शासन, लोक प्रशासन तथा विकासात्मक पहलों की गहन समझ प्राप्त हुई।

इस कार्यक्रम के प्रौद्योगिकी और नवाचार घटक में आई.आई.टी. दिल्ली के अनुसंधान एवं नवाचार पार्क का दौरा शामिल था, जहाँ प्रतिनिधियों ने इनक्यूबेटेड स्टार्टअप संस्थापकों और व्यावसायिक लीडर्स से बातचीत की। इस अनुभव ने उन्हें उद्यमिता, नवाचार तथा सामाजिक चुनौतियों के समाधान हेतु प्रौद्योगिकी-संचालित समाधानों के विकास में शैक्षणिक संस्थानों की महत्त्वपूर्ण भूमिका की गहन समझ प्रदान की।

प्रतिनिधियों ने आई.आई.टी. दिल्ली में एक विशेष खेल सत्र में भी भाग लिया। कार्यक्रम का एक अन्य महत्त्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी आकर्षण एशियन गेम्स तथा कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक विजेता श्री तेजस्विन शंकर के साथ संवाद सत्र रहा, जिसमें उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं को अपने जीवन के माध्यम से समर्पण, धैर्य, दृढ़ता एवं उत्कृष्टता के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

पर्यटन और प्रौद्योगिकी के अनुभव के अलावा, इस कार्यक्रम में पर्यावरणीय जागरूकता, सांस्कृतिक समझ और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न गतिविधियाँ भी शामिल थीं। प्रतिनिधियों ने "एक पेड़ माँ के नाम 2.0" के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लिया। साथ ही, राष्ट्रीय एकता को मज़बूत करने और नागरिकों के बीच आपसी समझ को बढ़ावा देने में भाषाई विविधता की भूमिका को रेखांकित करने के लिए भारतीय भाषाओं पर एक विशेष सत्र भी आयोजित किया गया।

संवाद सत्रों, शैक्षिक दौरों, सांस्कृतिक सहभागिताओं तथा शासन और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के अनुभवों के माध्यम से, इस पहल ने युवा प्रतिनिधियों को भारत की विविधता और साझा सांस्कृतिक विरासत के प्रति गहरी समझ विकसित करने में सक्षम बनाया।

“युवा संगम केवल एक आदान-प्रदान कार्यक्रम नहीं है; यह हमारे युवाओं के लिए भारत की सच्ची भावना को समझने और अनुभव करने की एक यात्रा है। विभिन्न क्षेत्रों, संस्कृतियों, भाषाओं और परंपराओं के बीच संबंधों को प्रोत्साहित करते हुए यह पहल राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करती है और युवा नागरिकों को “एक भारत श्रेष्ठ भारत” के दूत बनने के लिए सशक्त बनाती है। यह ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न को साकार करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।” प्रो. शिल्पी शर्मा, संकाय प्रभारी, युवा संगम चरण VI, आई.आई.टी. दिल्ली तथा सह संकायाध्यक्ष, अकादमिक (आउटरीच एवं नई पहलें), आई.आई.टी. दिल्ली ने कहा।

छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रो. कृष्ण मुरारी, नोडल अधिकारी, आई.आई.टी. भिलाई द्वारा किया गया, जबकि आई.आई.टी. दिल्ली में कार्यक्रम का समन्वयन श्री सक्षम सारस्वत (नोडल अधिकारी) द्वारा किया गया।

Press Release issued on: 17-06-2026