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Publish Date: May 27, 2026

आई.आई.टी. दिल्ली में केंद्रीय अनुसंधान सुविधा दिवस 2026 का आयोजन; उन्नत अनुसंधान अवसंरचना का प्रदर्शन

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नई दिल्ली: आई.आई.टी. दिल्ली की केंद्रीय अनुसंधान सुविधा (सी.आर.एफ.) द्वारा 27 मई 2026 को सी.आर.एफ. दिवस का आयोजन किया गया। सी.आर.एफ. दिवस पर शोधार्थियों, उद्योग जगत के जानेमाने व्यक्तित्वों, वित्तपोषण एजेंसियों और प्रौद्योगिकी भागीदारों को एक मंच पर लाया गया और उन्हें आई.आई.टी. दिल्ली की उन्नत अनुसंधान अवसंरचना एवं वर्तमान वैज्ञानिक साझेदारियों से अवगत कराया गया।

इस अवसर पर प्रो. रंगन बनर्जी, निदेशक, आई.आई.टी. दिल्ली ने “सी.आर.एफ. पुस्तिका” का विमोचन भी किया। सी.आर.एफ. पुस्तिका को उपयोगकर्ताओं के अनुकूल और सुव्यवस्थित प्रारूप में तैयार किया गया है जिसमें इन अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं की विशिष्टताओं और क्षमताओं की एक झलक मिलती है।

                           

आई.आई.टी. दिल्ली की केंद्रीय अनुसंधान सुविधा के माध्यम से ऑप्टिकल कैरेक्टराइज़ेशन, हाई-रिज़ॉल्यूशन इमेजिंग, भौतिक गुणों की माप, बायोमेडिकल अनुप्रयोग, मौलिक विश्लेषण, निर्माण आदि जैसे विविध क्षेत्रों में अनुसंधान किया जाता है।

 इस अवसर पर प्रो. रंगन बनर्जी, निदेशक, आई.आई.टी. दिल्ली ने कहा कि “आई.आई.टी. दिल्ली की केंद्रीय  अनुसंधान सुविधा का मुख्य लक्ष्य अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाएँ उपलब्ध कराना और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी तथा स्थानीय रूप से प्रासंगिक शोध को बढ़ावा देना है। हमारा लक्ष्य आई.आई.टी. तथा देशभर के शोधार्थियों और विद्यार्थियों को 24/7 अनुसंधान सुविधाओं की निर्बाध एवं सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित करना है।”

सी.आर.एफ. दिवस के अवसर पर आगंतुकों के समक्ष प्रदर्शित कुछ अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाएं इस प्रकार हैं:

- क्रायो इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप (SATHI): यह अत्याधुनिक 300 kV क्रायो-इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप शोधार्थियों को बायोमॉलिक्यूल्स, कोशिकीय संरचनाओं आदि की 3D संरचनाओं को उनकी मूल जमी हुई अवस्था में लगभग परमाणु रिज़ॉल्यूशन पर कैप्चर करने में मदद करता है।

- इलेक्ट्रॉन प्रोब माइक्रो एनालाइज़र (EPMA): ई.पी.एम.ए. की मदद से वैज्ञानिक किसी नमूने में मौजूद तत्वों की पहचान करते हैं और उन्हें मापते हैं। साथ ही, धातुओं, खनिजों, सेमीकंडक्टरों तथा उच्च परिशुद्धता वाली उन्नत सामग्रियों के अध्ययन के लिए व्यापक रूप से इसका उपयोग किया जाता है।

- फील्ड एमिशन स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप (FESEM): एफ.ई.एस.ई.एम. पदार्थों की सतहों की उच्च आवर्धन वाली विस्तृत तस्वीरें उपलब्ध कराता है। यह शोधार्थियों को नैनोस्केल संरचनाओं, सतह की विशेषताओं और उन सूक्ष्म दोषों को देखने में मदद करता है, जो सामान्य माइक्रोस्कोप से दिखाई नहीं देते। 

- सिंगल क्रिस्टल एक्स-रे डिफ्रेक्टोमीटर (SCXRD): एस.सी.एक्स.आर.डी. का उपयोग क्रिस्टलीय पदार्थों के भीतर सटीक परमाणु विन्यास को निर्धारित करने के लिए किया जाता है। यह शोधार्थियों को रसायन विज्ञान, औषधीय (फार्मास्यूटिकल्स) और पदार्थ विज्ञान के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण आणविक और क्रिस्टल संरचनाओं को समझने में मदद करता है। 

- ट्रांसमिशन इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप (TEM): टी.ई.एम. की मदद से वैज्ञानिक पदार्थों को परमाणु और नैनोमीटर स्तर पर देख पाते हैं। इसका उपयोग उन्नत पदार्थों और उपकरणों में आंतरिक संरचना, क्रिस्टल व्यवस्था और नैनोकणों का अध्ययन करने के लिए किया जाता है।

- गैस क्रोमैटोग्राफी–मास स्पेक्ट्रोमेट्री (जी.सी.एम.एस.): जी.सी.एम.एस. का उपयोग किसी नमूने में उपस्थित विभिन्न रासायनिक यौगिकों को पृथक करने एवं उनकी पहचान करने के लिए किया जाता है। इसका व्यापक उपयोग पर्यावरणीय परीक्षण, औषधि विश्लेषण, खाद्य सुरक्षा तथा फॉरेंसिक विज्ञान में किया जाता है।

- मेडटेक (एम-प्रगति): एम-प्रगति चिकित्सा उपकरणों एवं प्रौद्योगिकी के विकास, विनिर्माण तथा परीक्षण का एक राष्ट्रीय केंद्र है। इसका उद्देश्य चिकित्सा उपकरणों को 'प्रूफ ऑफ़ कॉन्सेप्ट' (अवधारणा के प्रमाण) से लेकर व्यावसायिक उत्पादों तक पहुँचाना है।

प्रो. मणिदीपा बनर्जी, अध्यक्ष, सी.आर.एफ., आई.आई.टी. दिल्ली ने कहा, “आई.आई.टी. दिल्ली देश की सबसे बड़ी अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं में से एक है, जो हौज़ खास एवं सोनीपत परिसरों में फैली हुई  है। सी.आर.एफ. दिवस हमारा वार्षिक कार्यक्रम है, जिसमें हम सी.आर.एफ. की सभी सुविधाओं, शिक्षाजगत, उद्योग तथा सरकारी हितधारकों के प्रतिनिधियों को सहयोग एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक मंच पर लाते हैं।”

उद्योग, अनुसंधान संगठन, स्टार्टअप्स, शैक्षिक संस्थान तथा सरकारी एजेंसियाँ आई.आई.टी. दिल्ली की “केंद्रीय अनुसंधान सुविधा” के अंतर्गत उपलब्ध उन्नत अनुसंधान सुविधाओं का लाभ “crf.iitd.ac.in” पर उपलब्ध पारदर्शी एवं उपयोगकर्ता-अनुकूल बुकिंग प्रणाली के माध्यम से उठा सकते हैं।

आई.आई.टी. दिल्ली में सी.आर.एफ. इकोसिस्टम की स्थापना देशभर के व्यापक अनुसंधान समुदाय को विश्व-स्तरीय वैज्ञानिक अवसंरचना उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। अत्याधुनिक उपकरणों, प्रशिक्षित तकनीकी विशेषज्ञता तथा बहुविषयी वैज्ञानिक सहयोग को एक ही मंच पर उपलब्ध कराकर सी.आर.एफ. भारत में उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास, उत्पाद नवाचार तथा ट्रांसलेशनल साइंस को गति प्रदान कर रहा है।

ये सुविधाएँ स्वास्थ्य सेवा, फार्मास्यूटिकल्स, सेमिकंडक्टर्स, स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत सामग्री, पर्यावरण विज्ञान एवं नैनोप्रौद्योगिकी से लेकर उभरते डीप-टेक क्षेत्रों में कार्यरत शोधकर्ताओं को सहयोग प्रदान कर रही हैं। यह मंच कौशल विकास और उद्योग-शिक्षाजगत सहयोग में भी एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है, क्योंकि यह विद्यार्थियों, स्टार्टअप्स, MSMEs और उद्योगों को ऐसी तकनीकों तक पहुँचने में सक्षम बनाता है जिन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित करना अन्यथा कठिन होता है।

इस कार्यक्रम में विभिन्न सी.आर.एफ. सुविधाओं, आई.आई.टी. दिल्ली स्थित “सोफिस्टिकेटेड एनालिटिकल एंड टेक्निकल हेल्प इंस्टीट्यूट” (साथी-SATHI) फाउंडेशन तथा चिकित्सा उपकरणों एवं प्रौद्योगिकी विकास का राष्ट्रीय केंद्र “एम-प्रगति“ की ओर से तकनीकी व्याख्यान एवं पोस्टर प्रस्तुतियाँ भी आयोजित की गईं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से अत्याधुनिक अनुसंधान क्षमताओं एवं शिक्षाजगत-उद्योग सहयोग के अवसरों को प्रदर्शित किया गया।

आई.आई.टी. दिल्ली सी.आर.एफ., साथी एवं एम-प्रगति जैसी पहलों के माध्यम से देश के वैज्ञानिक इकोसिस्टम को सुदृढ़ बनाने तथा नवाचार-आधारित विकास एवं उन्नत प्रौद्योगिकियों में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत के प्रयासों को सतत गति प्रदान कर रहा है।

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