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Publish Date: February 2, 2026

परियोजना प्रबंधन में सर्टिफिकेट प्रोग्राम (बैच–15) | Online CEP certificate programme in "Certificate Programme in Project Management ( Batch-15 )"

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सेवा प्रदाता – एमेरिटस
विशेषताएँ
• आवेदन की अंतिम तिथि – 31 जनवरी 2026
• अवधि – 6 माह
• माध्यम – ऑनलाइन

परिचय
भारत के अग्रणी शैक्षणिक संस्थान के रूप में, आई.आई.टी. दिल्ली आपको परियोजना प्रबंधन की कला एवं विज्ञान में दक्षता प्राप्त करने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है। यह व्यापक कार्यक्रम आप जैसे पेशेवरों को परियोजना प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए आवश्यक कौशल, ज्ञान और उपकरणों से समृद्ध करने हेतु तैयार किया गया है। चाहे आप एक उभरते हुए परियोजना प्रबंधक हों जो अपनी विशेषज्ञता को और सुदृढ़ करना चाहते हों अथवा इस रोमांचक क्षेत्र में प्रवेश करने की इच्छा रखते हों, यह कार्यक्रम आपको परियोजनाओं का प्रभावी नेतृत्व और सफल निष्पादन करने के लिए एक सुदृढ़ आधार के साथ उन्नत अंतर्दृष्टि प्रदान करेगा। परियोजना प्रबंधन, परियोजनाओं की सफलता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह परियोजनाओं को संगठनात्मक लक्ष्यों के साथ संरेखित करता है, संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करता है, जोखिमों का प्रभावी प्रबंधन करता है, प्रभावी संचार को सुगम बनाता है, गुणवत्ता सुनिश्चित करता है तथा परिवर्तन के अनुरूप स्वयं को अनुकूलित करता है। यह एक रणनीतिक अनुशासन है, जो कार्यकुशलता और प्रभावशीलता को बढ़ाने के साथ-साथ हितधारकों की संतुष्टि सुनिश्चित करता है और अंततः संगठन को सफलता की ओर ले जाता है।

कक्षा का समय
प्रत्येक रविवार, प्रातः 10:00 बजे से 01:00 बजे तक*, 19 अप्रैल 2026 से प्रारंभ

पात्रता मानदंड
किसी भी इंजीनियरिंग शाखा में स्नातक (10+2+3) अथवा डिप्लोमा।

नोट – उपर्युक्त पात्रता मानदंड कार्यक्रम की प्रारंभ तिथि- 19 अप्रैल 2026 तक पूर्ण होने चाहिए। न्यूनतम पात्रता मानदंडों की पूर्ति, प्रस्ताव पत्र सुनिश्चित नहीं करती है।

कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएँ
• परियोजना प्रबंधन के विषयों का अध्ययन – मूलभूत अवधारणाओं (नीति निर्माण, समय–निर्धारण और नियंत्रण) से लेकर उन्नत अवधारणाओं तक।
• परियोजना प्रबंधन की विभिन्न पद्धतियों पर उद्योग–उन्मुख अंतर्दृष्टि प्राप्त करने का अवसर।
• पीयर-टू-पीयर शिक्षण में सहभागिता तथा अपने व्यावसायिक नेटवर्क का विस्तार।
• एजाइल, ए.आई. और स्वचालन जैसे समसामयिक विषयों सहित परियोजना के संपूर्ण जीवन–चक्र प्रबंधन का अध्ययन।
• सी.ई.पी., आई.आई.टी. दिल्ली (एन.आई.आर.एफ. 2025 में समग्र रूप से चौथा स्थान) से ई–प्रमाणपत्र प्राप्त करने का अवसर।

कार्यक्रम मॉड्यूल

मॉड्यूल 1 – परियोजना प्रबंधन का परिचय
मॉड्यूल 2 – पी.एम.बी.ओ.के. के अनुसार ज्ञान क्षेत्र
मॉड्यूल 3 – परियोजना जीवन–चक्र और आरंभिक चरण
मॉड्यूल 4 – परियोजना स्कोप प्रबंधन तथा स्कोप क्रीप को नियंत्रित करने की विधियाँ
मॉड्यूल 5 – परियोजनाओं में हितधारक प्रबंधन
मॉड्यूल 6 – परियोजना चार्टर, परिकल्पना एवं प्रतिबंध लॉग – परियोजनाओं के लिए इन्हें तैयार करने में मार्गदर्शन
मॉड्यूल 7 – परियोजना प्रबंधन में पोर्टफोलियो दृष्टिकोण
मॉड्यूल 8 – परियोजना/पोर्टफोलियो चयन और संगठनात्मक रणनीति
मॉड्यूल 9 – परियोजना नीति निर्माण
मॉड्यूल 10 – परियोजना परिधि को प्रबंधनीय भागों में विभाजित करना (डब्ल्यू.बी.एस.)
मॉड्यूल 11 – परियोजना समय–निर्धारण – परियोजना शेड्यूल विकसित करने पर मार्गदर्शित प्रशिक्षण
मॉड्यूल 12 – परियोजना लागत प्रबंधन – समय–लागत समायोजन पर मार्गदर्शित अभ्यास
मॉड्यूल 13 – परियोजना नियंत्रण – अर्जित मूल्य विश्लेषण पर मार्गदर्शित अभ्यास
मॉड्यूल 14 – परियोजना प्रबंधन में जोखिम विश्लेषण
मॉड्यूल 15 – परियोजना प्रबंधन में प्रयुक्त सॉफ्टवेयर का परिचय
मॉड्यूल 16 – परियोजना प्रबंधन में सिक्स सिग्मा दृष्टिकोण
मॉड्यूल 17 – परियोजनाओं में लीन और जस्ट–इन–टाइम प्रणालियों का विकास
मॉड्यूल 18 – परियोजना गुणवत्ता प्रबंधन – मार्गदर्शक सिद्धांत एवं गुरु–मंत्र
मॉड्यूल 19 – परियोजनाओं में मूल कारण का विश्लेषण
मॉड्यूल 20 – परियोजना आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन
मॉड्यूल 21 – क्रिटिकल चेन परियोजना प्रबंधन – मार्गदर्शक सिद्धांत एवं गुरु–मंत्र
मॉड्यूल 22 – परियोजनाओं में सामग्री योजना एवं क्रय
मॉड्यूल 23 – परियोजना एकीकरण प्रबंधन
मॉड्यूल 24 – परियोजना संचार प्रबंधन – मार्गदर्शक सिद्धांत एवं गुरु–मंत्र
मॉड्यूल 25 – सॉफ्टवेयर परियोजना प्रबंधन तथा अडैपटिव एवं एजाइल परियोजना प्रबंधन
मॉड्यूल 26 – परियोजना प्रबंधन प्रक्रिया ढांचा
मॉड्यूल 27 – परियोजना प्रबंधन में मूल्य विश्लेषण एवं मूल्य अभियांत्रिकी (वी.ए./वी.ई.) तथा मूल्य वितरण प्रणालियाँ
मॉड्यूल 28 – परियोजना प्रबंधन में नेतृत्व के पहलू
मॉड्यूल 29 – परियोजना प्रबंधन में मानव संसाधन योजना
मॉड्यूल 30 – नैतिक व्यवहार तथा व्यावसायिक आचार संहिता का पालन
मॉड्यूल 31 – हरित परियोजनाएँ एवं परियोजना प्रबंधन में पर्यावरणीय सरोकार
मॉड्यूल 32 – परियोजना कमीशनिंग, समापन एवं हस्तांतरण
मॉड्यूल 33 – परियोजनाओं में संकट प्रबंधन
मॉड्यूल 34 – परियोजना प्रबंधन में ए.आई.
मॉड्यूल 35 – परियोजना प्रबंधन में बिज़नेस एनालिटिक्स – मार्गदर्शित अभ्यास के माध्यम से

परिणाम

• परियोजना स्कोप को परिभाषित से लेकर समापन तक परियोजना प्रबंधन की संपूर्ण प्रक्रिया को समझना।
• लाभ बढ़ाने तथा सतत प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्राप्त करने के लिए परियोजना प्रबंधन का प्रभावी उपयोग करना।
• वास्तविक परिस्थितियों में समस्याओं के समाधान हेतु वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त परियोजना प्रबंधन ढाँचों का अनुप्रयोग करना।
• जोखिम विश्लेषण तकनीकों का प्रयोग करना तथा समय और लागत के अनुरूप परियोजनाओं की निगरानी करना।
• सिक्स सिग्मा, गुणवत्ता प्रबंधन एवं एजाइल परियोजना प्रबंधन की अवधारणाओं को समझना तथा संगठनात्मक संदर्भ में उनका अनुप्रयोग करना।

उपकरण

• एम.एस. ऑफिस 

कार्यक्रम समन्वयक

प्रो. कुमार नीरज झा
प्रोफेसर
सिविल इंजीनियरी विभाग
आई.आई.टी. दिल्ली

डॉ. कुमार नीरज झा आई.आई.टी. दिल्ली के सिविल इंजीनियरी विभाग में प्रोफेसर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत लार्सन एंड टूब्रो लिमिटेड से की और अनेक निर्माण परियोजनाओं के सफल समापन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय पत्रिकाओं तथा सम्मेलन कार्रवाई में 150 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए हैं।

उन्होंने 20 पीएच.डी. शोधार्थियों तथा 100 से अधिक एम.टेक. विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया है। उनकी पुस्तकें- कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, फॉर्मवर्क एंड स्कैफोल्ड इंजीनियरिंग तथा कंस्ट्रक्शन सेफ्टी मैनेजमेंट पियर्सन एजुकेशन द्वारा प्रकाशित की गई और डिटरमिनेंट्स ऑफ कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट सक्सेस इन इंडिया स्प्रिंगर द्वारा प्रकाशित की गई। ये पुस्तकें विभिन्न विश्वविद्यालयों में पाठ्यपुस्तकों के रूप में व्यापक रूप से स्वीकृत हैं। वे कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग एवं प्रबंधन से संबंधित पाठ्यक्रम पढ़ाते हैं।

उन्होंने प्रैक्टिशनर्स तथा शिक्षाविदों के लिए अनेक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए हैं तथा राष्ट्रीय महत्व की कई परामर्श एवं प्रायोजित शोध परियोजनाओं में सहभागिता की है। वे कंस्ट्रक्शन इंजीनियरी एवं प्रबंधन के क्षेत्र की सभी प्रमुख पत्रिकाओं के समीक्षक हैं तथा जर्नल ऑफ सेफ्टी इंजीनियरिंग के मुख्य संपादक हैं।

कार्यक्रम संकाय

प्रोफेसर रवि शंकर
प्रोफेसर (एच.ए.जी.)
प्रबंधन अध्ययन विभाग
आई.आई.टी. दिल्ली

प्रो. रवि शंकर आई.आई.टी. दिल्ली के प्रबंधन अध्ययन विभाग में प्रोफेसर (एच.ए.जी.) हैं। उनका शिक्षण, शोध तथा कॉर्पोरेट प्रशिक्षण मुख्य रूप से ऑपरेशंस एवं सप्लाई चेन मैनेजमेंट, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, निर्णय विज्ञान तथा बिज़नेस एनालिटिक्स एवं ऑप्टिमाइज़ेशन के क्षेत्रों में केंद्रित है। वे इंडियन नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियर्स (एफ.एन.ए.ई.), वर्ल्ड एकेडमी ऑफ प्रोडक्टिविटी साइंस (एफ.डब्ल्यू.ए.पी.एस.) तथा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग (एफ.आई.आई.आई.ई.) के फेलो हैं। रिसर्च.कॉम के द्वितीय संस्करण (नवंबर 2022) में उन्हें बिज़नेस एवं मैनेजमेंट के क्षेत्र में भारत के सर्वश्रेष्ठ (1 रैंक) वैज्ञानिक तथा वैश्विक स्तर पर 101 वां स्थान प्रदान किया गया। प्रोफेसर शंकर 2022 में एल्सेवियर की टॉप 2% इंडियन प्रोडक्टिव रिसर्चर्स सूची में भी, बिज़नेस एवं मैनेजमेंट श्रेणी में एक-वर्षीय आधार पर शामिल किए गए।

वर्ष 2018 में भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्री द्वारा उन्हें प्रबंधन क्षेत्र में “भारत के सर्वाधिक शोध-सक्षम संकाय सदस्य” के रूप में “आउटस्टैंडिंग फैकल्टी अवार्ड” प्रदान किया गया। वर्ष 2016 में ओमेगा: एन इंटरनेशनल जर्नल ऑफ मैनेजमेंट साइंस में प्रकाशित एक शोध पत्र में उन्हें भारत के बिज़नेस स्कूलों में टॉप-मोस्ट प्रोडक्टिव रिसर्चर का रैंक दिया गया। जर्मनी के विश्वविद्यालयों के अग्रणी क्षेत्र–विशेषज्ञों द्वारा उन्हें लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में शीर्ष भारतीय शोधकर्ता के रूप में भी मान्यता दी गई। प्रोफेसर शंकर को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग (आई.आई.आई.ई.), मुंबई द्वारा “डॉ. आर. पी. मोहंती स्वर्ण मेडल फॉर आउट्स्टैन्डिंग टीचर” से भी सम्मानित किया गया है। उनके यू.के., यू.एस.ए., थाईलैंड, डेनमार्क, वियतनाम आदि के अनेक प्रतिष्ठित बिज़नेस स्कूलों के साथ सुदृढ़ शैक्षणिक सहयोग हैं।

प्रोफेसर रवि शंकर ने ऑपरेशंस एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट, मैनेजमेंट ऑफ टेक्नॉलजी और स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट ऑफ टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन पर पाठ्यक्रमों का सह-लेखन किया है। उनके शोध कार्यों को 32,800+ से अधिक साइटेशन प्राप्त हो चुके हैं और उनका एच-इंडेक्स 86 (दिसंबर 2024 तक) है, जो भारत के किसी भी बिज़नेस स्कूल के सर्वाधिक एच-इंडेक्सस में से एक है। वे नियमित रूप से उद्योग और शैक्षणिक क्षेत्र के कार्यरत पेशेवरों के लिए ऑनलाइन ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म और प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करते हैं, जिनमें ऑपरेशंस एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, सिक्स-सिग्मा: ग्रीन-बेल्ट, और बिज़नेस एनालिटिक्स एवं ऑप्टिमाइजेशन जैसे व्यापक विषय शामिल हैं।


 कार्यक्रम नमूना प्रमाणपत्र

• जो प्रतिभागी मूल्यांकन के सभी घटकों में कम से कम 50% अंक प्राप्त करेंगे और लेक्चर व ट्यूटोरियल दोनों में न्यूनतम 50% उपस्थिति बनाए रखेंगे, उन्हें पूर्णता प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।
• जो प्रतिभागी मूल्यांकन घटकों में 50% अंक प्राप्त करने में असमर्थ रहेंगे, वे लेक्चर व ट्यूटोरियल दोनों में न्यूनतम 50% उपस्थिति की स्थिति में भागीदारी प्रमाणपत्र के पात्र होंगे। हम आपको सभी लाइव सत्रों में भाग लेने और इन इंटरैक्टिव शिक्षण अनुभवों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

नोट :
• सभी प्रमाणपत्र इमेज केवल उदाहरण स्वरूप हैं और आई.आई.टी. दिल्ली के अनुसार परिवर्तित हो सकती हैं।
• सीईपी, आई.आई.टी. दिल्ली द्वारा केवल ई-प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
• इस कार्यक्रम का आयोजक विभाग प्रबंधन अध्ययन विभाग है।

किश्त विवरण

किश्त        विवरण    राशि (रु. में)**
पहली किश्त        चयन के 5 दिनों के भीतर    21,000
दूसरी किश्त        6 अप्रैल, 2026    42,000
तीसरी किश्त        4 जून, 2026    42,000
**शुल्क में अतिरिक्त 18% GST लागू होगा।

रिफन्ड नीति
• उम्मीदवार कार्यक्रम प्रारंभ तिथि से 15 दिनों के भीतर वापसी के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस स्थिति में कुल शुल्क का 80% वापस किया जाएगा। हालांकि, भुगतान की गई लागू कर की राशि वापस नहीं की जाएगी।
• यदि आप कार्यक्रम से नाम वापस लेना चाहते हैं, तो आपको
cepaccounts@admin.iitd.in और iitd.execed@emeritus.org पर ईमेल करके बताना होगा। लागू होनेपर, शुल्क वापसी की प्रक्रिया अनुरोध प्राप्ति की तिथि से 30 कार्यदिवसों के भीतर पूरी कर दी जाएगी।   

टेस्टीमोनियल्स    

• हेमन्त कुमार जी- "प्रोफेसरों द्वारा दिए गए पाठ वास्तव में बहुत अच्छे थे। सत्र अत्यंत इंटरैक्टिव (संवादपरक) थे, जिससे जटिल विषयों को समझने में मदद मिली। इसके अलावा, कई वास्तविक जीवन के उपयोगों को समझने से पाठ्यक्रम को उद्योग अनुप्रयोगों के साथ जोड़ने में सहायता मिली।"
• पुलकित कुमार दोहन- "कोर्स का सबसे अच्छा हिस्सा प्रोफेसर रवि शंकर के गुरु मंत्र हैं, जो किसी भी प्रकार की नौकरी या किसी भी स्थान पर सफल होने के लिए चाणक्य नीति की तरह कारगर हैं। इसके अतिरिक्त, सभी लेक्चर गहराई से समझाने वाले, रोचक और इंटरैक्टिव हैं।"
• तंगिराला विश्वनाथ- "प्रोफेसर रवि शंकर के सत्र उत्कृष्ट थे। प्रत्येक स्लाइड में कुछ न कुछ सीखने योग्य था। इसने मुझे त्रैमासिक दौरे के दौरान एस.ए.डी.सी. क्षेत्र की टीमों को विभिन्न विषय प्रस्तुत करने में मदद की। सबसे बड़ी उपलब्धि स्टेकहोल्डर मैनेजमेंट और स्कोप मैनेजमेंट के बारे में थी। यही वह क्षेत्र है जहाँ हमारी अधिकांश परियोजनाएँ प्रभावित हो रही हैं, जिससे विलंब और लागत में वृद्धि हो रही है।"
• एम.डी. सुहेल अली - "कक्षाओं की इंटरैक्टिव प्रकृति इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण थी। मैं पाठ्य सामग्री, पी.पी.टी. और रिकॉर्डिंग्स की उपलब्धता की भी सराहना करता हूँ, जिससे सीखने का अनुभव अधिक व्यापक और सुलभ हो गया।"

• अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1.    आई.आई.टी. दिल्ली परियोजना प्रबंधन कार्यक्रम क्या है?
आई.आई.टी. दिल्ली परियोजना प्रबंधन कार्यक्रम एक पेशेवर प्रमाणन कार्यक्रम है, जिसे प्रतिभागियों को विभिन्न उद्योगों में परियोजनाओं का प्रभावी प्रबंधन करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है। यह कार्यक्रम परियोजना प्रबंधन के मुख्य पहलुओं जैसे योजना बनाना, कार्यान्वयन, निगरानी और समापन को कवर करता है।
 2. आई.आई.टी. दिल्ली परियोजना प्रबंधन कार्यक्रम अन्य परियोजना प्रबंधन कार्यक्रमों की तुलना में कैसा है?
आई.आई.टी. दिल्ली उच्च गुणवत्ता वाला परियोजना प्रबंधन कार्यक्रम प्रदान करता है। आई.आई.टी. दिल्ली का कार्यक्रम परियोजनाओं में तकनीकी पहलुओं और व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर जोर देता है, जबकि अन्य कार्यक्रम अधिकतर परियोजना प्रबंधन के रणनीतिक और प्रबंधकीय पहलुओं पर केंद्रित होते हैं।

3. आई.आई.टी. दिल्ली परियोजना प्रबंधन कार्यक्रम में कौन-कौन से विषय शामिल हैं?
यह कार्यक्रम परियोजना नीति, जोखिम प्रबंधन, लागत अनुमान, परियोजना कार्यान्वयन, गुणवत्ता नियंत्रण और परियोजना समापन सहित विभिन्न विषयों को कवर करता है। इसमें नवीनतम परियोजना प्रबंधन उपकरण और तकनीकों पर आधारित मॉड्यूल भी शामिल हैं।

4. क्या आई.आई.टी. दिल्ली परियोजना प्रबंधन प्रमाणन ऑनलाइन प्रदान किया जाता है?
हां, आई.आई.टी. दिल्ली परियोजना प्रबंधन प्रमाणन ऑनलाइन प्रदान करता है, जिससे पेशेवर किसी भी स्थान से कार्यक्रम में भाग ले सकते हैं, और यह कार्यरत व्यक्तियों के लिए सुविधाजनक बनता है।

5. आई.आई.टी. दिल्ली परियोजना प्रबंधन कार्यक्रम में किसे नामांकन करना चाहिए?
यह कार्यक्रम उन पेशेवरों के लिए उचित है जो परियोजनाओं के प्रबंधन में शामिल हैं, जैसे परियोजना प्रबंधक, इंजीनियर, सलाहकार और जो परियोजना प्रबंधन में अपने करियर को आगे बढ़ाना चाहते हैं। यह उन लोगों के लिए भी उपयुक्त है जो परियोजना प्रबंधन में मान्यता प्राप्त प्रमाणन प्राप्त करना चाहते हैं।

6. आई.आई.टी. दिल्ली परियोजना प्रबंधन प्रमाणन कार्यक्रम में नामांकन करने के क्या लाभ हैं?
प्रतिभागियों को परियोजना प्रबंधन सिद्धांतों और प्रथाओं की गहरी समझ प्राप्त होगी, उनके परियोजना प्रबंधन कौशल में वृद्धि होगी, और उन्हें आई.आई.टी. दिल्ली से एक प्रतिष्ठित प्रमाणन प्राप्त होगा, जिसे वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त है।

7. आई.आई.टी. दिल्ली का परियोजना प्रबंधन कार्यक्रम सर्वश्रेष्ठ परियोजना प्रबंधन कार्यक्रमों में किस स्थान पर है?
आई.आई.टी. दिल्ली का परियोजना प्रबंधन कार्यक्रम भारत के सर्वश्रेष्ठ कार्यक्रमों में से एक माना जाता है, विशेष रूप से इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के पेशेवरों के लिए। यह कार्यक्रम अपने विशद पाठ्यक्रम, अनुभवी संकाय और परियोजना प्रबंधन के व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए मान्यता प्राप्त है।

8. क्या आई.आई.टी. दिल्ली का परियोजना प्रबंधन प्रमाणपत्र कार्यक्रम पी.एम.पी. से बेहतर है?
हालाँकि आई.आई.टी. दिल्ली का परियोजना प्रबंधन प्रमाणपत्र कार्यक्रम पी.एम.पी. जितनी वैश्विक मान्यता नहीं रखता, यह मूल्यवान प्रमाणपत्र और करियर उन्नति के अवसर प्रदान करता है, विशेष रूप से उन पेशेवरों के लिए जो भारत की प्रमुख संस्थाओं में से एक से व्यावहारिक परियोजना प्रबंधन कौशल विकसित करना चाहते हैं। इसका उद्योग-प्रासंगिक  पाठ्यक्रम और शैक्षिक कठोरता उन लोगों के लिए इसे उत्कृष्ट विकल्प बनाती है, जो विशिष्ट संदर्भों में अपनी परियोजना प्रबंधन विशेषज्ञता को बढ़ाना चाहते हैं।

 

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Press Release issued on 05-01-2026