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Publish Date: January 5, 2026

आई.आई.टी. दिल्ली के शैक्षणिक सत्र 2000 के विद्यार्थियों द्वारा संस्थान को रु. 70 करोड़ से अधिक के दान की घोषणा

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नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली (आई.आई.टी. दिल्ली) के शैक्षणिक सत्र 2000 के विद्यार्थियों ने संस्थान को रु. 70 करोड़ से अधिक के दान की घोषणा की है। यह सभी शैक्षणिक सत्रों में किसी एक स्नातक सत्र द्वारा घोषित किया गया अब तक का सबसे बड़ा दान है।

यह घोषणा आई.आई.टी. दिल्ली परिसर में आयोजित रजत जयंती पुनर्मिलन समारोह के दौरान की गई, जिसमें आई.आई.टी. दिल्ली के 2000 बैच के भारत और विदेश के स्नातक एकत्रित हुए। इस समारोह ने पूर्व विद्यार्थियों को परिसर भ्रमण, संकाय सदस्यों के साथ बातचीत और वर्तमान विद्यार्थियों के साथ मेलजोल के ज़रिए संस्थान से पुनः जुड़ने का अवसर प्रदान किया, जो आई.आई.टी. दिल्ली के साथ इस बैच के अटूट बंधन को दर्शाता है।
घोषित राशि का अधिकांश भाग आई.आई.टी. दिल्ली के अक्षय निधि कोष में लगाया जाएगा। इससे संस्थान को शैक्षणिक कार्यक्रमों को सुदृढ़ करने, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने, छात्रवृत्ति और संकाय उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने और आई.आई.टी. दिल्ली की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप परोपकारी और रणनीतिक प्राथमिकताओं को सक्षम बनाने सहित कई पहलों का समर्थन करने के लिए दीर्घकालिक वित्तीय सहायता प्राप्त होगी। 
बैच की ओर से बोलते हुए, आई.आई.टी. दिल्ली के पूर्व विद्यार्थी और बैच फंडरेज़िंग लीड रोहित दुबे ने कहा, “आई.आई.टी. दिल्ली ने हमें निरंतर बदलते विश्व में सीखते रहने की सीख दी। अब समय आ गया है कि हम भी इस ज्ञान को आगे बढ़ाएं और वैज्ञानिकों, उद्यमियों और प्रौद्योगिकीविदों की अगली पीढ़ी को आकार देने में योगदान दें। यह केवल राशि का मामला नहीं है, यह भागीदारी और साझा ज़िम्मेदारी का मामला है। हम अपने संस्थान को कुछ ऐसा योगदान देना चाहते थे जिसका प्रभाव दशकों तक बना रहे।”

इस घोषणा का स्वागत करते हुए, प्रो. निलंजन सेन रॉय, संकायाध्यक्ष, अल्युमनी संबंध, आई.आई.टी. दिल्ली ने कहा, “शैक्षणिक सत्र 2000 के विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित यह प्रतिबद्धता अपने शिक्षण संस्थान के प्रति आई.आई.टी. दिल्ली के पूर्व विद्यार्थियों के गहरे जुड़ाव को दर्शाता है। यह असाधारण घोषणा अनुसंधान, शिक्षा और अवसंरचना के क्षेत्र में संस्थान के प्रयासों को महत्वपूर्ण रूप से सुदृढ़ करेगी, जिससे आने वाली पीढ़ियों पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा। यह आगामी सत्रों के विद्यार्थियों को संस्थान के निरंतर विकास और उत्कृष्टता में सहयोग करने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक बेहतरीन उदाहरण भी है।”
अकादमिक उत्कृष्टता, अनुसंधान क्षमता और सामाजिक प्रभाव को बढ़ाने वाली पहलों का समर्थन करते हुए पूर्व विद्यार्थियों का योगदान आई.आई.टी. दिल्ली के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शैक्षणिक सत्र 2000 के विद्यार्थियों द्वारा की गई यह घोषणा संस्थान के भविष्य को आकार देने में पूर्व विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों की शक्ति का प्रमाण है।

आई.आई.टी. दिल्ली अक्षय निधि प्रबंधन फाउंडेशन
2019 में स्थापित आई.आई.टी. दिल्ली अक्षय निधि प्रबंधन फाउंडेशन एक स्वतंत्र, पेशेवर रूप से प्रबंधित संस्था है, जिसका उद्देश्य भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली के समर्थन में एक दीर्घकालिक निधि का निर्माण और प्रबंधन करना है। यह फाउंडेशन शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में आई.आई.टी. दिल्ली की उत्कृष्टता के मूल स्तंभों को मजबूत करने के लिए संसाधनों को जुटाने हेतु विश्व भर के पूर्व विद्यार्थियों, निगमों और परोपकारियों के साथ मिलकर काम करता है। अक्षय निधि और लक्षित निधियों के माध्यम से, फाउंडेशन छात्रवृत्ति और वित्तीय सहायता, संकाय और अनुसंधान पदों, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और बुनियादी ढांचे, उद्यमिता और नवाचार कार्यक्रमों तथा रणनीतिक संस्थागत प्राथमिकताओं जैसी पहलों का समर्थन करता है। विकासशील और दीर्घकालिक पूंजी उपलब्ध कराकर, आई.आई.टी. दिल्ली अक्षय निधि प्रबंधन फाउंडेशन का लक्ष्य आई.आई.टी. दिल्ली व्यापक रूप से समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालने वाला एक वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, भविष्य के लिए तैयार संस्थान बने रहना है।

प्रकाशन तिथि: 1 जनवरी 2026