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Publish Date: January 5, 2026

आई.आई.टी दिल्ली द्वारा ओपन हाउस का आयोजन; विद्यार्थियों, उद्योग जगत तथा फंडिंग एजेंसियों के समक्ष अत्याधुनिक अनुसंधान एवं नवाचार परियोजनाओं का प्रदर्शन

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नई दिल्ली: आई.आई.टी. दिल्ली की एक प्रमुख पहल ओपन हाउस का 18वां वार्षिक समारोह 8 नवंबर 2025, शनिवार को आयोजित किया गया, जिसमें संस्थान द्वारा अपने विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों द्वारा किए गए अत्याधुनिक अनुसंधान को फंडिंग एजेंसियों, उद्योग जगत तथा विद्यालय एवं कॉलेज के विद्यार्थियों के समक्ष प्रदर्शित किया गया।

विभिन्न स्कूलों एवं कॉलेजों के वरिष्ठ विद्यार्थियों, उनके शिक्षकों तथा उद्योग और फंडिंग एजेंसियों के प्रतिनिधियों सहित कुल 3500 आगंतुकों ने देश के अग्रणी विज्ञान एवं इंजीनियरिंग संस्थान को समझने और जानने के लिए ओपन हाउस का दौरा किया। आगंतुकों ने अभूतपूर्व अनुसंधान कार्यों, नवाचार परियोजनाओं तथा वैज्ञानिक पोस्टरों की प्रदर्शनी देखी। 

ओपन हाउस में 200 से अधिक वैज्ञानिक पोस्टर, लाइव डेमो तथा 20 प्रयोगशालाओं का प्रदर्शन किया गया, जिनके माध्यम से कंप्यूटर विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से लेकर रक्षा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के विविध क्षेत्रों में हो रहे अत्याधुनिक अनुसंधान को रेखांकित किया गया, जो नवाचार, सहयोग और राष्ट्रीय विकास के लिए नई संभावनाएँ प्रदान करते हैं। संस्थान को आशा है कि ओपन हाउस के अनुभव प्रत्येक युवा में जिज्ञासा और उत्साह को प्रज्वलित करेंगे तथा नवप्रवर्तकों और नेतृत्वकर्ताओं की अगली पीढ़ी के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

प्रो. अश्विनी अग्रवाल, संकायाध्यक्ष, अनुसंधान एवं विकास, आई.आई.टी. दिल्ली ने ओपन हाउस में अतिथियों एवं आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन समाज के सभी हितधारकों, विशेष रूप से हमारे राष्ट्र के भविष्य- युवा विद्यार्थियों, उद्योगों के प्रतिनिधियों, सरकारी एजेंसियों तथा मीडिया के लिए आई.आई.टी. दिल्ली के द्वार खोलता है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन दिल्ली तथा आसपास के क्षेत्रों से आने वाले विद्यालयों और कॉलेजों के विद्यार्थियों के लिए आई.आई.टी. दिल्ली के उस सजीव इकोसिस्टम को देखने, अनुभव करने, जुड़ने और संवाद करने का एक उत्कृष्ट अवसर है, जो युवाओं को निरंतर चुनौती देता है और प्रेरित करता है।

प्रो. बी.एस. बटोला, अध्यक्ष, ओपन हाउस 2025, ने ओपन हाउस का संक्षिप्त परिचय दिया।

ओपन हाउस-2025 हेल्थकेयर, बायोटेक्नॉलजी; मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्री 4.0 एंड रोबोटिक्स; स्मार्ट एंड सस्टेनेबल इन्फ्रास्ट्रक्चर; एडवांस्ड मटीरियल एंड डिवाइसेज़; एनर्जी, क्लाइमेट एंड सस्टेनेबिलिटी; क्वांटम एंड सेमीकंडक्टर टेक्नॉलजीज़; नेक्स्ट जेनरेशन कम्युनिकेशन; मैनेजमेंट, पॉलिसी एंड सोशल साइंसेस; एआई-एमएल, डेटा साइंस एंड एल्गोरिदम; तथा फंडामेंटल साइंस समेत 10 विषयों पर केंद्रित रहा।ओपन हाउस में प्रदर्शित विभिन्न अनुसंधान परियोजनाओं में 3डी मैपिंग यूजिंग 2डी एलआईडीएआर, ऑटोमैटिक

डिटेक्शन एंड ग्रेडिंग ऑफ सेलिएक डिसीज़, एनर्जी-एफिशिएंट इलेक्ट्रोक्रोमिक स्मार्ट विंडो, नैनोसेंस: नेक्स्ट जेनरेशन गैस सेंसर, रीवियर: रीइमैजिनिंग टेक्सटाइल वेस्ट इनटू सस्टेनेबल अपरेल, ब्रेन इन एक्शन: अंडरस्टैंडिंग मेमरी एंड डिसीजन-मेकिंग, हीलिंग पावर ऑफ हर्ब्स: द साइंस बिहाइंड प्लांट मेडिसिंस, रैपिड टेस्ट किट्स फॉर क्वालिटी एश्योरेंस ऑफ फूड एंड फीड कमोडिटीज़ आदि शामिल थे।

मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो. अशुतोष शर्मा, पूर्व डीएसटी सचिव, ने ओपन हाउस-2025 में “व्हाट मेक्स एस एंड टी वर्क (ऑर नॉट!)[ What Makes S&T Work (or Not!)]” विषय पर अपना वक्तव्य दिया।

ओपन हाउस में प्रो. आशुतोष शर्मा ने कहा, “भारत को 2047 तक विकसित भारत बनने के लिए दो अलग-अलग चीज़ों का विकास करना आवश्यक है। हम में से प्रत्येक को स्वयं को विकासित करना होगा और भविष्य की चुनौतियों का सामना करना होगा। इन दो व्यापक चुनौतियों में से पहली चुनौती है सतत विकास, और दूसरी है बुद्धिमान मशीनों का विकसित होना। वास्तव में सतत विकास एक विरोधाभास है, क्योंकि सततता और हमारे विकास के विचार दो अलग दिशाओं की ओर उद्देशित हैं, यह दोनों एक-दूसरे के साथ विरोधाभास रखते हैं, और भविष्य में इनका संतुलन बनाने के लिए असाधारण स्तर की गहन सोच और क्रियान्वयन की आवश्यकता है।”

उन्होंने यह भी कहा कि किसी समस्या के समाधान के लिए अंतर्विषयक दृष्टिकोण अपनाना और केवल विश्लेषण करने के स्थान पर विभिन्न विचारों को जोड़कर कुछ नया सृजित करने की क्षमता विकसित करना आवश्यक है।

प्रो. रंगन बनर्जी, निदेशक, आई.आई.टी. दिल्ली ने कहा, “शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से प्रभाव में वृद्धि करने के अपने लक्ष्य के तहत हम उद्योग और समाज के साथ दीर्घकालिक साझेदारियाँ विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आज का ओपन हाउस हमारे मौजूदा अनुसंधान और सहयोग को प्रदर्शित करता है। हमें आशा है कि इससे पारस्परिक लाभ के लिए और सुदृढ़ साझेदारियाँ विकसित होंगी। ओपन हाउस में सहभागिता के माध्यम से विद्यार्थी भविष्य में रोचक अनुसंधान संभावनाओं को भी समझ और खोज सकेंगे।”

डॉ. रंजना नल्लामल्ली, निदेशक, डीएफटीएम डीआरडीओ ने ओपन हाउस के आयोजन के दौरान कहा कि , “आई.आई.टी. दिल्ली में आयोजित ओपन हाउस विद्यार्थियों की रचनात्मकता और अत्याधुनिक अनुसंधान का एक प्रेरणादायी प्रदर्शन है, जहाँ आकर्षक प्रोटोटाइप से लेकर वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान प्रस्तुत किए गए हैं। सहयोग के प्रति खुला दृष्टिकोण शैक्षिक जगत, उद्योग और समुदाय के बीच सशक्त संबंध स्थापित करना सुनिश्चित करता है।”

डॉ. अनुराग त्रिपाठी, इन्फो ओरिजन आईएनसी  (डायरेक्टर ऑफ एआई), ने कहा कि , “यह प्रदर्शनी उद्योग को आई.आई.टी. दिल्ली में उभरती प्रौद्योगिकियों से सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान करती है, जिससे हमें नवाचार की पहचान करने, साझेदारियाँ स्थापित करने और व्यवसायीकरण की प्रक्रिया को तेज़ करने में सहायता मिलती है। हम अभूतपूर्व अनुसंधान के साथ जुड़ने और बाज़ार में वास्तविक प्रभाव उत्पन्न करने वाली टैलेंट पाईपलाइन विकसित करने को लेकर उत्साहित हैं।”

नेहा भारद्वाज, अध्यापिका, माधव विद्यापीठ, जयपुर ने कहा कि  “ओपन हाउस वास्तव में प्रेरणादायी रहा। इसने हमारे विद्यार्थियों को नवाचार को प्रत्यक्ष रूप से देखने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान किया और यह समझने में सहायता की कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी किस प्रकार एक बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।”

दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलत राम कॉलेज की भौतिकी की छात्रा प्रियंका ने कहा, “रोबोटिक्स और पोलराइज़ेशन अनुसंधान से जुड़े नवाचार परियोजनाओं को देखना अत्यंत रोमांचक रहा। ओपन हाउस ने मुझे अत्याधुनिक विचारों को समझने और आई.आई.टी. दिल्ली में हो रहे रचनात्मक कार्यों से सीखने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान किया।”

एमिटी स्कूल, नोएडा की 12वीं कक्षा की छात्रा शांभवी ने कहा, “यह देखना मेरे लिए प्रेरणादायी रहा कि नया अनुसंधान किस प्रकार वास्तविक जीवन की समस्याओं का समाधान कर रहा है। ओपन हाउस ने मुझे विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बारे में और अधिक जानने तथा भविष्य के नवाचारों का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया।”

प्रो. सुनील झा, संकाय, यांत्रिक इंजीनियरी, आई.आई.टी. दिल्ली ने ओपन हाउस में "एआई, रोबोटिक्स एंड फ्यूचर ऑफ़ मैन्युफैक्चरिंग " विषय पर व्याख्यान दिया। प्रो. अनुराग एस. राठौर, संकाय, रसायन इंजीनियरी ने " “ऑपर्च्युनिटीज़ फॉर कॉन्ट्रिब्यूटिंग टू द इंडियन बायोटेक इकोसिस्टम” विषय पर व्याख्यान दिया।

प्रो. राजेंद्र सिंह, सह संकायाध्यक्ष (अनुसंधान एवं विकास) ने सभी का आभार व्यक्त किया। 

ओपन हाउस का उद्घाटन समारोह यहाँ देखें:  https://www.youtube.com/live/Ahd7apvlD2s?si=AvqUMu0DqOmu4dHO 

प्रेस विज्ञप्ति दिनांक 08-11-2025 को जारी की गई।