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Publish Date: January 5, 2026

आई.आई.टी. दिल्ली–अबू धाबी में शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा प्रमुख कार्यक्रमों एवं स्टार्टअप इनक्यूबेटर का शुभारंभ - ऐतिहासिक द्विपक्षीय साझेदारी को मिली मजबूती

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अबू धाबी, यूएई – 11 सितंबर, 2025 – भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच गहन रणनीतिक साझेदारी को उजागर करने वाले एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में, भारत सरकार के माननीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने 10 सितंबर, 2025 को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली-अबू धाबी (आई.आई.टी.डी.-ए.डी.) परिसर का दौरा किया। इस दौरे में परिसर द्वारा अपने पहले डेढ़ वर्षों में की गई उल्लेखनीय प्रगति को प्रदर्शित किया गया और प्रमुख शैक्षणिक कार्यक्रमों और नवाचार पहलों के औपचारिक शुभारंभ के साथ इस कार्यक्रम का समापन हुआ। माननीय मंत्री के दौरे वाला यह कार्यक्रम परियोजना की सशक्त सहयोगात्मक भावना का प्रमाण था, जिसमें अबू धाबी और यूएई सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठकें शामिल थीं। उन्होंने आई.आई.टी.दिल्ली-अबू धाबी के विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों और कर्मचारियों के साथ एक जीवंत सत्र में भाग लिया और परिसर का व्यापक दौरा किया।

अनुसंधान और शिक्षा के भविष्य की एक झलक
आई.आई.टी. दिल्ली-अबू धाबी के नेतृत्व द्वारा माननीय मंत्री का स्वागत किया गया। उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात और भारत के प्रतिष्ठित अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की। उन्होंने सुश्री सारा मुसल्लम, अध्यक्ष, एडीईके से मुलाकात की। श्री प्रधान ने आई.आई.टी. दिल्ली-अबू धाबी परिसर की स्थापना में सहयोग के लिए उन्हें और एडीईके को धन्यवाद दिया, और दोनों पक्षों ने आपसी शैक्षिक प्राथमिकताओं पर सार्थक विचार-विमर्श किया।

उन्हें परिसर का दौरा कराया गया, जहाँ वे विश्व स्तरीय शैक्षणिक और अनुसंधान वातावरण की तीव्र स्थापना से स्पष्ट रूप से प्रभावित हुए। मंत्री जी के परिसर दौरे में कई अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का दौरा शामिल था। विद्यार्थियों ने अपने शोध परियोजनाओं, जो विशेष रूप से ऊर्जा परिवर्तन और स्थिरता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण वैश्विक चुनौतियों पर केंद्रित थीं, को प्रस्तुत किया। भावी पीढ़ी के सौर सेल के लिए उन्नत सामग्री, ऊर्जा ग्रिड को अनुकूलित करने के लिए कम्प्यूटेशनल मॉडल और औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन के लिए

अभिनव प्रणालियाँ जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। इन चर्चाओं ने संयुक्त अरब अमीरात और भारत दोनों के रणनीतिक लक्ष्यों के अनुरूप उच्च-प्रभावशाली, मिशन-उन्मुख अनुसंधान के प्रति परिसर की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया।

प्रमुख शैक्षणिक कार्यक्रमों का औपचारिक शुभारंभ 
इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण आई.आई.टी. दिल्ली-अबू धाबी में दो नए शैक्षणिक कार्यक्रमों का आधिकारिक शुभारंभ समारोह था। माननीय मंत्री ने औपचारिक रूप से रसायनिक इंजीनियरी में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (बी.टेक.) और ऊर्जा एवं सतत विकास में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएच.डी.) का आरंभ किया।

रासयनिक इंजीनियरी में शुरू किया गया नए बी.टेक. कार्यक्रम को सतत विनिर्माण और प्रक्रिया गहनता जैसे आधुनिक विषयों को एकीकृत करने के साथ-साथ इंजीनियरिंग के मूल सिद्धांतों में एक मजबूत आधार प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। परिसर का सर्वोच्च शैक्षणिक पाठ्यक्रम ऊर्जा एवं सतत विकास में पीएच.डी. वैश्विक स्तर के महत्वपूर्ण क्षेत्र में ज्ञान को उन्नत करने वाले शीर्ष शोधकर्ताओं को तैयार करेगा। इस पीएच.डी. पाठ्यक्रम से क्षेत्र और उससे बाहर की अग्रणी प्रतिभाएँ आकर्षित होंगी और

आई.आई.टी.डी.-ए.डी. एक सतत, कार्बनमुक्त भविष्य में प्रत्यक्ष रूप से योगदान देने वाले डॉक्टोरल अनुसंधान केंद्र के रूप में स्थापित होगा।

एक अग्रणी स्टार्टअप इनक्यूबेटर का उद्घाटन
सीमा पार नवाचार को गति देने के उद्देश्य से, माननीय मंत्री ने आई.आई.टी. दिल्ली-अबू धाबी में अटल इन्क्यूबेशन केंद्र (AIC) का औपचारिक उद्घाटन किया, जो किसी भारतीय संस्थान द्वारा विदेश में स्थापित किया गया अपनी तरह का पहला केंद्र है। यह ऐतिहासिक पहल आई.आई.टी. दिल्ली द्वारा चयनित उच्च क्षमता वाले भारतीय स्टार्टअप्स को UAE और इस क्षेत्र में अपने परिचालन का विस्तार करने के लिए एक सुनियोजित मार्ग प्रदान करेगी। AIC भारत और UAE के नवप्रवर्तकों द्वारा संयुक्त स्टार्टअप्स और

अनुसंधान-आधारित उद्यमों को सहयोग प्रदान करने के साथ ही UAE के समृद्ध नवाचार तंत्र में मार्गदर्शन, निवेशक नेटवर्क और रणनीतिक संपर्कों तक पहुंच प्रदान करेगा।

यह केंद्र डीप टेक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वच्छ ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा और अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देगा और नए आर्थिक अवसर सृजित करते हुए आई.आई.टी.डी.- ए.डी. को दोनों देशों के नवाचार तंत्रों के बीच एक सेतु में बदलने की परिकल्पना का प्रत्यक्ष उदाहरण है।

माननीय मंत्री का संबोधन और साझेदारी को स्वीकृति 
कैंपस में आयोजित समारोह में माननीय शिक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में आई.आई.टी. दिल्ली-अबू धाबी की टीम को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए हार्दिक बधाई दी।

आई.आई.टी. दिल्ली-अबू धाबी के परिकल्पना के साकार होने पर प्रकाश डालते हुए माननीय मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि, “आज न केवल दो नए शैक्षणिक कार्यक्रमों का आरंभ हुआ है, बल्कि आई.आई.टी. दिल्ली-अबू धाबी के विकास में एक नया अध्याय भी जुड़ा है। वर्ष 2022 में इस कैंपस की परिकल्पना से लेकर आज इन पाठ्यक्रमों में अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों का स्वागत करने तक की प्रगति उल्लेखनीय रही है। मुझे मात्र तीन वर्षों में इस गौरवपूर्ण यात्रा को साकार होते देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है, और यह कैंपस

अब इतिहास रचने के लिए तैयार है।”

कैंपस में नवाचार और उद्यमिता की भावना पर जोर देते हुए माननीय मंत्री ने कहा कि, “आज का दिन आई.आई.टी. दिल्ली-अबू धाबी की यात्रा में एक नए अध्याय की शुरुआत है, क्योंकि आज हम अटल इन्क्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन कर रहे हैं और अपना पीएचडी शोध कार्यक्रम शुरू कर रहे हैं। जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमारे विद्यार्थियों से आग्रह किया है, मैं आप सभी को शोध करने, नवाचार करने और अपने विचारों को न केवल भारत और यूएई के लिए, बल्कि मानवता के लिए भी बाज़ार तक पहुंचाने के लिए आमंत्रित करता हूं।”

अपने संबोधन के दौरान, माननीय मंत्री ने विद्यार्थियों से पूछा कि क्या वे नौकरी चाहने वाले बनना चाहते हैं या नौकरी देने वाले – यह एक रोमांचक क्षण था, क्योंकि विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक उत्तर देते हुए और नौकरी देने वाले और नवप्रवर्तक बनने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

उन्होंने संस्थान के प्रतीकात्मक महत्व पर जोर दिया। “यह परिसर शिक्षा और अनुसंधान केंद्र से कहीं अधिक है; यह भारत सरकार और संयुक्त अरब अमीरात सरकार के बीच सौहार्द्रपूर्ण और सार्थक साझेदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह दर्शाता है कि प्रगति और समृद्धि के साझा संकल्प के साथ जब दो राष्ट्र एकजुट होते हैं, तो असाधारण परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।”

कार्यक्रम का समापन साझा उद्देश्य की भावना के साथ हुआ, जो शैक्षिक कूटनीति का प्रतीक तथा तकनीकी और आर्थिक विकास के लिए रणनीतिक मंच के रूप में स्थापित करने की दिशा में आई.आई.टी. दिल्ली–अबू धाबी की भूमिका को दर्शाते साझा उद्देश्य की भावना के साथ हुआ।  

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आई.आई.टी.  दिल्ली - अबू धाबी के बारे में 
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली - अबू धाबी, भारत के अग्रणी इंजीनियरिंग और अनुसंधान संस्थानों में से एक, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली का पहला अंतर्राष्ट्रीय परिसर है। भारत सरकार और संयुक्त अरब अमीरात सरकार के बीच एक रणनीतिक साझेदारी के रूप में स्थापित यह परिसर, ऊर्जा, सतत विकास और कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित वैश्विक महत्त्व के क्षेत्रों में विश्व स्तरीय शैक्षणिक और अनुसंधान कार्यक्रम प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रकाशन तिथि: 12 सितंबर 2025