News

Publish Date: January 5, 2026

आई.आई.टी. दिल्ली द्वारा आयोजित " हाई स्कूल की छात्राओं के लिए एक एसटीईएम मेंटरशिप कार्यक्रम: मनस्वी (Manasvi)" का चौथा संस्करण सफलतापूर्वक संपन्न

Share this on

• हाई स्कूल की 100 छात्राओं ने एक गहन, बहु-चरणीय अधिगम (लर्निंग) कार्यक्रम पूरा किया।

• मनस्वी के 04  संस्करण सफलतापूर्वक संपन्न हुए और इसकी पहुँच और इसके प्रभाव में साल दर साल बढ़ोत्तरी हुई!

• पाँचवें संस्करण के लिए आवेदन की प्रक्रिया फरवरी-मार्च 2026 में शुरू होगी।

नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.टी.) दिल्ली के अकादमिक आउटरीच और नई पहल कार्यालय की प्रमुख पहल, 'हाई स्कूल की छात्राओं के लिए एसटीईएम मेंटरशिप कार्यक्रम: मनस्वी' का चौथा संस्करण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में हाई स्कूल की लगभग 100 छात्राओं (मनस्वी) ने मई से दिसंबर 2025 तक चलने वाली एक गहन, बहु-चरणीय शिक्षा-यात्रा पूरी की।

5 दिसंबर को आयोजित समापन समारोह में आई.आई.टी दिल्ली के प्रोफेसर सोमनाथ बैद्य रॉय, संकायाध्यक्ष (योजना) उपस्थित थे, जिन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा, “प्रतिभा कभी बाधा नहीं होती, विश्वास बाधा होता है। आप एसटीईएम में निर्माण, नवाचार और नेतृत्व करने की क्षमता रखती हैं। आत्मविश्वास और दृढ़ता के साथ, आप कहीं भी जा सकती हैं, इसकी कोई सीमा नहीं है। आई.आई.टी दिल्ली आपकी इस यात्रा में हमेशा आपका साथ देगा।”

यह कार्यक्रम तीन चरणों, ग्रीष्म, शरद और शीत ऋतु, में आयोजित किया गया और मनस्वी छात्राओं को आई.आई.टी दिल्ली में उपलब्ध विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) संसाधनों से परिचित कराया गया तथा उन्हें मार्गदर्शन प्रदान किया गया। ग्रीष्म चरण के केंद्र में अकादमिक तत्त्व था और इसमें संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं और महिला नेतृत्वकर्ताओं के व्याख्यान शामिल थे। इस चरण में आई.आई.टी दिल्ली के मेकर्सस्पेस में व्यावहारिक कार्य पर भी जोर दिया गया, जहाँ छात्राओं ने अपने हाथों से सौर लैंप बनाना सीखा।

शरद और शीत ऋतु के चरण मुख्य रूप से व्यावहारिक थे, जिनमें रसायन विज्ञान के प्रयोगों और भौतिकी की DIY परियोजनाओं से लेकर ड्रोन प्रदर्शन और विद्यार्थी-मार्गदर्शक संवाद जैसी गतिविधियाँ शामिल थीं। अंतिम चरण में, छात्राओं ने वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के समाधान प्रस्तावित करते हुए सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के अनुरूप अपने अभिनव विचार प्रस्तुत किए। यह एक निर्देशित गतिविधि थी जिसमें आई.आई.टी. दिल्ली के विद्यार्थियों ने प्रतिभागी छात्राओं को मार्गदर्शन दिया और उनके विचारों को आकार देने और उन्हें अभिव्यक्त करने में सहायता प्रदान की।

मनस्वियों की बातचीत ने कार्यक्रम के प्रभाव को दर्शाया:
केंद्रीय विद्यालय, पश्चिम विहार की कक्षा नौवीं की लक्ष्मी ने कहा, “इस कार्यक्रम ने मेरे लिए भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित को समझने के द्वार खोल दिए। आई.आई.टी. दिल्ली के संकायों ने मुझे दिखाया कि उच्च शिक्षा वास्तव में कैसी होती है। सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि इसने मुझे यह आत्मविश्वास दिया कि मैं विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित की दुनिया मेरी अपनी दुनिया है।”

केंद्रीय विद्यालय, द्वारका सेक्टर-5 की ग्यारहवीं कक्षा की छात्रा प्रियांशी ने कहा, “इस कार्यक्रम ने मुझे विज्ञान और प्रौद्योगिकी का एक ऐसा पहलू दिखाया है जिसे मैं इस अवसर के बिना कभी नहीं जान पाती। सौर लैंप बनाने और अपने हाथों से कुछ करने के रोमांच को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।”

कार्यक्रम के अंतिम चरण की समाप्ति प्रो. शिल्पी शर्मा,सह संकायाध्यक्ष, शैक्षणिक (आउटरीच और नई पहल) द्वारा सभी मनस्वी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान करने के साथ हुई।

चार सफल संस्करणों के बाद, मनस्वी कार्यक्रम के आगामी संस्करण के लिए आवेदन की प्रक्रिया फरवरी-मार्च 2026 में शुरू होगी और इस संबंध में पूरी जानकारी अकादमिक आउटरीच एवं नई पहल कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट https://academicoutreach.iitd.ac.in/ पर उपलब्ध होगी। मनस्वी के चौथे संस्करण में सरकारी स्कूलों की 80% से अधिक भागीदारी के बाद अब इसके आगामी संस्करण में पूरी तरह से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को जोड़ा जाएगा।
चौथे संस्करण को आंशिक रूप से भारती एयरटेल और रत्न सागर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रायोजित किया गया था, जिससे कार्यक्रम की पहुंच और प्रभाव को बढ़ाने में मदद मिली।

प्रकाशन तिथि: 09 दिसंबर, 2025