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Publish Date: January 5, 2026

आई.आई.टी. दिल्ली के अंतर्गत स्थापित केंद्र तकनीकी वस्त्रों, रक्षा श्रेणी के रेशों और राष्ट्रीय ध्वज के पुनर्चक्रण के लिए प्रौद्योगिकियों का हस्तांतरण

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नई दिल्ली: 28 नवंबर, 2025 को, पानीपत में आई.आई.टी. दिल्ली के अंतर्गत स्थापित अटल वस्त्र पुनर्चक्रण और सततता केंद्र (अटल सेंटर ऑफ टेक्सटाइल रिसाइक्लिंग एंड सस्टेनेबिलिटी ACTRS) ने एरामिड अपशिष्ट, तकनीकी दस्ताने और राष्ट्रीय ध्वज के पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) के लिए उद्योग भागीदारों को कई प्रौद्योगिकियां हस्तांतरित कीं।

आई.आई.टी. दिल्ली के वस्त्र एवं रेशा इंजीनियरी विभाग के प्रोफेसर बिपिन कुमार के नेतृत्व में स्थापित इस केंद्र को भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन (NTTM) से वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है।

पंजाब, हरियाणा और दिल्ली चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) द्वारा हरियाणा के पानीपत जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में, अटल केंद्र ने अपने पुनर्चक्रण नवाचारों और उनके वास्तविक प्रभाव का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के दौरान, केंद्र ने सिंथेटिक राष्ट्रीय ध्वजों के पुनर्चक्रण के लिए एक अग्रणी तकनीक का अनावरण किया और एक वैज्ञानिक मॉडल प्रस्तुत किया। इस नवाचार को आधिकारिक तौर पर व मेजर जनरल आशीष कोहली (सेवानिवृत्त) के नेतृत्व वाले सेवाज़ नीसिम फाउंडेशन, जो देश भर के पुराने और प्रयुक्त (रिटायर्ड) राष्ट्रीय ध्वजों के सम्मानजनक पुनर्चक्रण की राष्ट्रीय पहल का नेतृत्व कर रहा है, को सौंप दिया गया।

केंद्र ने उच्च-प्रदर्शन वाले एरामिड अपशिष्ट- जो रक्षा, एयरोस्पेस और सुरक्षात्मक वस्त्रों में उपयोग होने वाली एक महत्वपूर्ण सामग्री है, के प्रबंधन और पुनर्चक्रण की अभूतपूर्व विधियों का प्रदर्शन भी किया।

केंद्र द्वारा प्रदर्शित तकनीकों को देखने वाले श्री अशोक मल्होत्रा, मिशन निदेशक, राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन ने कहा कि, “एनटीटीएम सतत नवाचार और मजबूत उद्योग साझेदारी के माध्यम से भारत को तकनीकी वस्त्रों में वैश्विक अग्रणी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। वस्त्र पुनर्चक्रण और सततता में आई.आई.टी. दिल्ली के उन्नत अनुसंधान के अग्रणी योगदान के साथ, मिशन स्टार्टअप और उद्योगों को स्वदेशीकरण, चक्रीय अर्थव्यवस्था सिद्धांतों और अत्याधुनिक विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए सशक्त बनाता है।”

अटल वस्त्र पुनर्चक्रण और सततता केंद्र में किए जा रहे अनुसंधान एवं विकास से कई तकनीकी वस्त्र कंपनियां लाभान्वित हो रही हैं। विशेष रूप से, एरामिड फाइबर रिसाइक्लिंग कार्यक्रम ने उच्च-प्रदर्शन वाले एरामिड अपशिष्ट पदार्थों के प्रसंस्करण और पुन: उपयोग के लिए अग्रणी समाधान प्रदान किए हैं।

प्रोफेसर बिपिन कुमार, समन्वयक, अटल वस्त्र पुनर्चक्रण और सततता केंद्र ने कहा कि “पानीपत स्थित अटल केंद्र, सतत वस्त्र पुनर्चक्रण में नवाचार का प्रतीक है, जो उच्च-प्रदर्शन वाले वस्त्र अपशिष्ट पदार्थों के लिए उन्नत समाधान प्रदान करता है। हमारा मिशन अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और प्रभावी रिसाइक्लिंग पहलों के माध्यम से वस्त्र उद्योग को चक्रीय अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर करना है,” ।

 प्रकाशन तिथि: 28 नवंबर,