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Publish Date: January 5, 2026

केवीएस और आई.आई.टी. दिल्ली ने छात्रों और शिक्षकों के लिए विद्यालयों में STEM शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर किया हस्ताक्षर

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नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली (आई.आई.टी. दिल्ली) और केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) ने 24 अक्टूबर 2025 को एक बड़ा कदम उठाते हुए, विद्यार्थियों के बीच STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरी और गणित) शिक्षा को बेहतर बनाने और शिक्षकों को पेशेवर विकास के अवसर प्रदान करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता ज्ञापन केवीएस और किसी भी आई.आई.टी. के बीच STEM आउटरीच के लिए पहली साझेदारी और दोनों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे सहयोग को औपचारिक रूप देने की दिशा में एक कदम है। इसमें अकादमिक आउटरीच और नई पहलें, आई.आई.टी. दिल्ली के कार्यालय द्वारा आयोजित विज्ञान तकनीक स्पिन (एसटीएस) व्याख्यान श्रृंखला में दिल्ली-एनसीआर के केवी स्कूल के विद्यार्थियों की प्रतिभागिता को प्रोत्साहित करना शामिल है। इस वर्ष आई.आई.टी. दिल्ली में विज्ञान तकनीक स्पिन (एसटीएस) ने सरकारी स्कूलों, विशेषकर केंद्रीय विद्यालयों (केवी) के विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देते हुए दिल्ली एनसीआर के विभिन्न संस्थानों के स्कूली विद्यार्थियों (कक्षा 9 से 12) की प्रतिभागिता के साथ आठ सत्रों का सफल आयोजन किया। 2025 में इस लोकप्रिय श्रृंखला में केवीएस के लगभग 3000 विद्यार्थियों की प्रतिभगिता रही।

समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के दौरान, आई.आई.टी. दिल्ली के प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में प्रो. रंगन बनर्जी, निदेशक और प्रो. अरविंद के. नेमा, उप निदेशक (प्रचालन) शामिल थे। इस मौके पर प्रो. धन्या, संकायाध्यक्ष (शैक्षिक); प्रो. शिल्पी शर्मा, सह-संकायाध्यक्ष, शैक्षिक (आउटरीच और नई पहलें); अतुल व्यास, कुलसचिव; और केवीएस के गणमान्य जन भी उपस्थित थे। इस मौके पर आई.आई.टी. दिल्ली के अकादमिक आउटरीच और नई पहलें कार्यालय से समझौता ज्ञापन के उद्देश्यों के अनुरूप की जा रही कई मौजूदा पहलों और नई पहलों पर चर्चा हुई। श्रीमती प्राची पांडे, आईएएस, आयुक्त, केवीएस, और संयुक्त सचिव, डीओएसईएंडएल (DoSE&L), शिक्षा मंत्रालय द्वारा मौज़ूदा कार्यक्रमों, विशेष रूप से हाई स्कूल की लड़कियों के लिए STEM मेंटरशिप कार्यक्रम मनस्वी की अत्यधिक सराहना की गई। उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए कौशल वृद्धि और विकास कार्यक्रमों की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया। इसके अलावा, समझौता ज्ञापन के तहत नई पहलों के डिज़ाइन के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया। 

इस साझेदारी के तहत, केवी विद्यार्थियों और शिक्षकों ने आई.आई.टी. दिल्ली में शैक्षणिक आउटरीच और नई पहलें के कार्यालय द्वारा आयोजित विभिन्न STEM गतिविधियों में प्रतिभागिता करेंगे। इससे विद्यर्थियों को वैज्ञानिक अवधारणाओं को मजेदार और रोचक तरीके से समझने का अवसर मिलेगा और वे पाठ्यपुस्तकों में पढ़ी जाने वाली अवधारणाओं के वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों को देख पाएंगे। इसके अलावा, आई.आई.टी. दिल्ली के संकाय और विद्यार्थी केवी स्कूलों में युवा विद्यार्थियों को STEM में करियर बनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आउटरीच सत्र आयोजित करेंगे। प्रशिक्षण में उभरते तकनीकी उपकरणों के उपयोग, STEM में प्रगति और नवीन शिक्षण पद्धतियों के उपयोग की जानकारी दी जाएगी।  ये सत्र केवी शिक्षकों को नवोन्मेषी शिक्षण पद्धतियों और STEM शिक्षा की दिशा में हुई नवीनतम प्रगतियों से समर्थ बनाएगा, जिससे वे कक्षा में सीखने के अनुभव को और बेहतर बना सकेंगे।  

समझौता ज्ञापन इन कार्यक्रमों के प्रभाव का आकलन करने के लिए एक संरचित फीडबैक तंत्र भी स्थापित करता है। आई.आई.टी. दिल्ली निरंतर सुधार की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप कार्यक्रम की संरचना को सुधारने और बेहतर बनाने के लिए विद्यार्थियों और शिक्षकों से जानकारी प्राप्त करेगा।

यह साझेदारी शिक्षार्थियों में शुरुआती वर्षों में ही जिज्ञासा बढ़ाने और उन्हें STEM विषयों के लिए तैयार करने की दिशा में  आई.आई.टी. दिल्ली के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है। केवी शिक्षकों के साथ काम करते हुए, इस पहल का उद्देश्य कक्षा में सीखने के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए आधुनिक शिक्षण दृष्टिकोणों में उभरती आवश्यकताओं को समझते हुए उनके मजबूत आधार को और सुदृढ़ बनाना है।

प्रकाशन तिथि: 27 अक्टूबर,