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Publish Date: January 5, 2026

भारतीय नौसेना के नौसेना वास्तुकला निदेशालय ने आई.आई.टी. दिल्ली के साथ युद्धपोत डिजाइन के चालक दल-केंद्रित पहलुओं के लिए समझौता ज्ञापन पर किया हस्ताक्षर

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नई दिल्ली: भारतीय नौसेना के नौसेना वास्तुकला निदेशालय (डीएनए) और आई.आई.टी. दिल्ली ने एक अनुसंधान और डिजाइन केंद्र की स्थापना के लिए सहयोग हेतु एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जो डिज़ाइन संबंधी हस्तक्षेपों के माध्यम से भारतीय नौसेना के जहाजों पर जीवन की गुणवत्ता (क्यूओएल) में सुधार लाने का काम करेगा।

रियर एडमिरल अरविंद रावल, सहायक चीफ ऑफ मैटेरियल (डॉकयार्ड और रिफिट) भारतीय नौसेना और के प्रो. रंगन बनर्जी, निदेशक, आई.आई.टी. दिल्ली ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

समझौते के तहत, आई.आई.टी. दिल्ली के डिज़ाइन विभाग के शोधकर्ता विभिन्न मौज़ूदा परियोजनाओं और आगामी नई निर्माण परियोजनाओं की सुरक्षा, दक्षता और रहने योग्य परिस्थितियों पर शोध करेंगे और जहाज डिज़ाइन में अपने सुझाव देंगे।

भारतीय नौसेना और आई.आई.टी. दिल्ली भारतीय नौसेना जहाजों पर जीवन की गुणवत्ता (QoL) में सुधार लाने के व्यापक लक्ष्य की दिशा में काम करेंगे, जिसमें वाणिज्यिक नौसेना और भारतीय जातीयता पर आधारित किसी भी अन्य निवास संबंधी आवश्यकताओं को भी शामिल किया जा सकता है।

संस्थान भारतीय नौसेना द्वारा निर्मित मौजूदा जहाज डिज़ाइनों का अध्ययन करेगा जीवन की गुणवत्ता (QoL) के मापदंडों मसलन और एर्गोनॉमिक्स, आराम, दक्षता, सुरक्षा और उपयोगकर्ता अनुभव के संबंध में अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ उनका तुलनात्मक विश्लेषण करेगा।

मौजूदा जहाज़ डिज़ाइनों में सुधार के क्षेत्रों की व्यवस्थित पहचान तथा तुलनात्मक विश्लेषण में भारतीय नौसेना के डिज़ाइनों को अग्रणी बनाने हेतु नए डिज़ाइन हस्तक्षेपों की परिकल्पना एवं अभिव्यक्ति संयुक्त प्रयासों के अंतर्गत की जाएगी।

“आई.आई.टी. दिल्ली के साथ हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के संदर्भ में, रियर एडमिरल अरविंद रावल, सहायक प्रमुख (सामग्री) (डॉकयार्ड एवं रीफिट), भारतीय नौसेना ने कहा कि ‘यह समझौता ज्ञापन भारतीय युद्धपोतों को न केवल युद्ध क्षमता की दृष्टि से सशक्त बनाने, बल्कि चालक दल की सुविधा, कार्यकुशलता एवं आवासीय गुणवत्ता के संदर्भ में भी आदर्श बनाने की हमारी साझा प्रतिबद्धता में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस साझेदारी के माध्यम से हम देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में से एक के साथ मिलकर चालक-केंद्रित युद्धपोत डिज़ाइन के क्षेत्र में विषय-विशेषज्ञता विकसित कर रहे हैं। यह पहल नौसैनिक वास्तुकला में एर्गोनॉमिक्स, मानव कारक (ह्यूमन फैक्टर्स) तथा डिज़ाइन अनुकूलन जैसे विषयों को सम्मिलित करते हुए जहाजों की आवासीयता (हैबिटेबिलिटी) के लिए एक वैज्ञानिक एवं प्रक्रिया-आधारित दृष्टिकोण को प्रस्तुत करती है।’”

प्रोफेसर रंगन बनर्जी, निदेशक, आई.आई.टी. दिल्ली ने कहा कि “नवीनतम वैज्ञानिक डिज़ाइन उपकरणों और तकनीकों का उपयोग कर हमारे नौसेना अधिकारियों और चालक दल के लिए आराम की स्थिति में सुधार करने के लिए भारतीय नौसेना के साथ काम करते हुए हमें बहुत खुशी हो रही है। यह समझौता ज्ञापन जलमग्न इलेक्ट्रॉनिक्स और नौसेना निर्माण में स्नातकोत्तर कार्यक्रम के क्षेत्र में नौसेना के साथ आई.आई.टी. दिल

प्रकाशन तिथि: 16 अक्टूबर