आई.आई.टी. दिल्ली के सभी छात्रावास सहयोगात्मक रूप से संचालित होते हैं, जहाँ निर्वाचित विद्यार्थी नेता संचालन के प्रभारी होते हैं तथा नामित संकाय सदस्यों के मार्गदर्शन में कार्य करते हैं। छात्रावासों से संबंधित समस्त गतिविधियाँ छात्रावास प्रबंधन बोर्ड (बी.एच.एम.) के अंतर्गत आती हैं, जो आई.आई.टी. दिल्ली में छात्र कार्य परिषद (एस.ए.सी.) के अंतर्गत मान्यता प्राप्त बोर्डों में से एक है।
सह संकायाध्यक्ष, छात्रावास प्रबंधन (ए.डी.एच.एम.), छात्रावास प्रबंधन बोर्ड (बी.एच.एम.) के अध्यक्ष के रूप में छात्रावास संगठन के प्रमुख होते हैं। सह संकायाध्यक्ष, छात्रावास प्रबंधन (कार्यालय, संकायाध्यक्ष, छात्र कार्य के अंतर्गत) को प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन में उप/सहायक कुलसचिव (छात्र कार्य) तथा उप/सहायक कुलसचिव (छात्रावास लेखा) के सहयोग से कार्य करते हैं।
बी.एच.एम. का मुख्य कार्य सभी छात्रावासों के संचालन का प्रबंधन एवं समन्वय करना, समान हित से संबंधित सभी नीतियों पर निर्णय लेना तथा छात्रावासों और वहाँ रहने वाले विद्यार्थियों की नियमित समस्याओं एवं शिकायतों का निवारण करना है।
प्रत्येक छात्रावास में प्रशासनिक कार्यों के संचालन हेतु एक हेड ऑफ हाउस (संकाय सदस्य), एक वार्डन (संकाय सदस्य) तथा निर्वाचित विद्यार्थी प्रतिनिधि होते हैं। इसके अतिरिक्त, छात्रावास स्तर पर हाउस वर्किंग समितियाँ भी गठित होती हैं।
प्रत्येक छात्रावास की हाउस वर्किंग समिति (एच.डब्ल्यू.सी.) में हेड ऑफ हाउस, वार्डन, हाउस सचिव, मेस सचिव, खेल सचिव, सांस्कृतिक सचिव, अनुरक्षण सचिव तथा वर्ष–वार विद्यार्थी प्रतिनिधि शामिल होते हैं। छात्र कार्य परिषद (एस.ए.सी.) द्वारा मान्यता प्राप्त बोर्डों (अर्थात् एस.ए.सी., बी.एच.एम., बी.आर.सी.ए., बी.एस.ए., बी.एस.डब्ल्यू. एवं बी.एस.पी.) समेत छात्र कार्य परिषद (एस.ए.सी.) के महासचिव एवं उप महासचिव अपने-अपने कार्यकाल के दौरान संबंधित छात्रावास की हाउस वर्किंग समिति के सदस्य होते हैं। हाउस वर्किंग समिति प्रत्येक हाउस की जीवनशैली, कार्य-प्रणाली और गतिविधियों का स्वरूप निर्धारित करती है।
संचालन की सुविधा के लिए, हाउस वर्किंग समिति (एच.डब्ल्यू.सी.) के अंतर्गत एक कार्यकारी समिति तथा तीन अन्य उप–समितियाँ– मेस समिति, कॉमन रूम समिति और हाउस अनुरक्षण एवं स्वच्छता समिति होती हैं। प्रत्येक छात्रावास में एच.डब्ल्यू.सी. के विचार–विमर्श हाउस वर्किंग समितियों के संविधान द्वारा नियंत्रित होते हैं। इस ज़िम्मेदार निकाय के माध्यम से विद्यार्थी स्वयं हॉस्टलों में विभिन्न परिस्थितियों एवं सामाजिक अवसरों के अनुरूप उपयुक्त व्यवहार मानदंड निर्धारित करते हैं। विद्यार्थी, छात्रावास के सामुदायिक जीवन में अपनी भागीदारी के माध्यम से स्थिति और भूमिका के अनुरूप प्रतिक्रिया देते हैं। प्रत्येक छात्रावास से संबंधित अनुशासनात्मक मामलों के लिए एक विशेष उप–समिति – हाउस ऑनर्स समिति (एच.एच.सी.) भी गठित की गई है। बी.एच.एम. के संविधान, नीतियों, छात्रावास शुल्क, आवंटन प्रक्रिया और अन्य संबंधित विषयों का विस्तृत विवरण बी.एच.एम. पोर्टल पर उपलब्ध है: https://bhm.iitd.ac.in/resources (इस पोर्टल के रख–रखाव की ज़िम्मेदारी बी.एच.एम. के निर्वाचित महासचिव की होती है जो ए.डी.एच.एम. और संकायाध्यक्ष, छात्र कार्य, आई.आई.टी. दिल्ली के मार्गदर्शन में कार्य करते हैं)।
आई.आई.टी. दिल्ली में छात्रावास के संबंध में
जगह के अभाव के कारण आई.आई.टी. दिल्ली में परिसर/छात्रावास में आवास की उपलब्धता अत्यंत सीमित है, जिसमें कुल नामांकित विद्यार्थियों की संख्या (जुलाई 2023 तक 12500+ विद्यार्थी) के आधे विद्यार्थियों को ही आवास प्रदान किया जा सकता है। अधिकांश छात्रावास केवल शेयरिंग के आधार पर ही उपलब्ध हैं।
वर्तमान में स्नातक विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सभी छात्रावास गैर वतानुकूलित (एयर-कंडीशनिंग रहित) हैं। हालांकि, छात्रावास के सामान्य क्षेत्र (जैसे कॉमन रूम, भोजन कक्ष) वतानुकूलित (एयर-कंडीशंड) हैं। किसी भी विद्यार्थी को आवंटित की गई सीट को बदला नहीं जा सकता। हालांकि, प्रत्येक विद्यार्थी के पास आवंटित छात्रावास सीट को स्वीकार या अस्वीकार करने का विकल्प होता है – आई.आई.टी. दिल्ली में छात्रावास की सुविधा लेना अनिवार्य नहीं है।
छात्रावास निवासी को सामान्यतः प्रत्येक शैक्षणिक सेमेस्टर की शुरुआत में एक सीट आवंटित की जाती है (यह सीट पिछले सेमेस्टर की सीट के समान होना आवश्यक नहीं है; नव–आवंटित सीट पिछली सीट के समान हो सकती है या उसी छात्रावास में कोई अन्य सीट या किसी अन्य छात्रावास/आवास में नई सीट भी हो सकती है)। विद्यार्थियों को होने वाली संभावित असुविधा को न्यूनतम करने के उद्देश्य से यह प्रयास किया जाता है कि हॉस्टल निवासियों को एक पूर्ण शैक्षणिक वर्ष (एक ही शैक्षणिक वर्ष के दो सेमेस्टर) तक एक ही सीट पर रहने की अनुमति दी जाए। शैक्षणिक वर्ष के अंत में, अनुरोध या निर्देश पर निवासियों को सीट खाली करनी होती है; विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत तक अपना सामान रखने के लिए क्लॉकरूम की व्यवस्था की गई है। अगले शैक्षणिक सेमेस्टर/वर्ष के लिए नई सीट आवंटित की जाती है। जैसा कि पहले बताया गया – प्रत्येक विद्यार्थी के पास नव–आवंटित छात्रावास सीट को स्वीकार या अस्वीकार करने का विकल्प होता है – आई.आई.टी. दिल्ली में छात्रावास की सुविधा लेना अनिवार्य नहीं है।
आई.आई.टी. दिल्ली में शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन अवकाश को छोड़कर, शैक्षणिक नामांकन के प्रथम सेमेस्टर से शुरू होकर (छात्रावास का लाभ लेने की प्रारंभिक तिथि की परवाह किए बिना) छात्रावास सुविधा की अधिकतम संभावित अवधि निम्नानुसार है:
- पीएच.डी. – 10 सेमेस्टर या थीसिस जमा करने तक, जो भी पहले हो।
- स्नातकोत्तर – 4 सेमेस्टर या कार्यक्रम की आवश्यकताओं को पूरा करने तक, जो भी पहले हो।
- 4-वर्षीय स्नातक पूर्व कार्यक्रम – 8 सेमेस्टर या कार्यक्रम की आवश्यकताओं को पूरा करने तक, जो भी पहले हो।
- 5-वर्षीय स्नातक पूर्व + स्नातकोत्तर कार्यक्रम – 10 सेमेस्टर या कार्यक्रम की आवश्यकताओं को पूरा करने तक, जो भी पहले हो।
आई.आई.टी. दिल्ली के पुरुष एवं महिला विद्यार्थियों के लिए छात्रावासों की सूची
पुरुष विद्यार्थियों के लिए:
- अरावली
- गिरनार
- ज्वालामुखी
- कराकोरम
- कुमाऊँ
- नीलगिरी
- शिवालिक
- सतपुड़ा
- उदयगिरि
- विंध्याचल
- ज़ांस्कर
- द्रोणागिरि (केवल स्नातकोत्तर के लिए, जिसमें पीएच.डी. शामिल है – 5 वर्षीय स्नातक पूर्व + स्नातकोत्तर कार्यक्रम पर लागू नहीं)
- सप्तगिरि (अधिकतम दो तल; केवल स्नातकोत्तर के लिए, जिसमें पीएच.डी. शामिल है – 5 वर्षीय स्नातक पूर्व + स्नातकोत्तर कार्यक्रम पर लागू नहीं)
महिला विद्यार्थियों के लिए:
- कैलाश
- हिमाद्रि
- सह्याद्रि (केवल स्नातकोत्तर के लिए, जिसमें पीएच.डी. शामिल है – 5 वर्षीय स्नातक पूर्व + स्नातकोत्तर कार्यक्रम पर लागू नहीं)
- सप्तगिरि (पाँच तल; केवल स्नातकोत्तर के लिए, जिसमें पीएच.डी. शामिल है – 5 वर्षीय स्नातक पूर्व + स्नातकोत्तर कार्यक्रम पर लागू नहीं)
- नालंदा (सामान्यतः केवल अस्थायी आवास के रूप में)
उपर्युक्त छात्रावासों के अतिरिक्त, विवाहित विद्यार्थियों के लिए पारिवारिक आवास भी सीमित रूप में उपलब्ध हैं। इसके अलावा, आपातकालीन परिस्थितियों (विशेष रूप से चिकित्सा आपातकाल) वाले विद्यार्थियों के लिए सीमित अस्थायी आवास (सामान्यतः अधिकतम एक सेमेस्टर तक) उपलब्ध हो सकते हैं।
नोट: संस्थान के छात्रावासों के कुछ महत्वपूर्ण नियम एवं विनियमों की सूची यहाँ उपलब्ध है: (Hostel Rules)