अवकाश के प्रकार

यद्यपि संकाय सदस्य प्राय: अपने कार्यों से मुक्त नहीं हो पाते, तथापि उन्हें कभी-कभी सिस्टम से बाहर निकलने की आवश्यकता होती है। कार्य-जीवन संतुलन बनाए रखना एक अनिवार्यता है और उचित योजना के साथ आई.आई.टी. दिल्ली में इसे बनाए रखना मुश्किल नहीं है। संकाय सदस्यों के लिए अनेक प्रकार के अवकाश उपलब्ध हैं, जिनमें से कुछ विधिवत कार्य अवकाश हैं। आई.आई.टी. दिल्ली के अवकाश नियम सरकारी कर्मचारियों के लिए निर्धारित अवकाश नीति के अनुरूप हैं। यदि आप सप्ताहांत और अन्य छुट्टियों पर भी दिल्ली से बाहर जाने का इरादा रखते हैं तो औपचारिक अवकाश लेना आवश्यकता है, जिसे स्टेशन अवकाश के रूप में जाना जाता है। सम्मेलन में भाग लेने या समिति बैठकों जैसी पेशेवर गतिविधियों के लिए लिए जाने वाले अल्पकालिक अवकाश को विशेष आकस्मिक अवकाश (Special Casual Leave) कहा जाता है और इसे "ऑन ड्यूटी" (on duty) माना जाता है।

संकाय संवर्ग को 'अवकाश कर्मचारी (vacation staff)' के तौर पर गिना जाता है, अर्थात वे सेमेस्टर के बीच अवकाश अवधि के दौरान छुट्टी (vacation leave) के पात्र हैं। वेकेक्शन लीव का उपयोग अन्य विश्वविद्यालयों या शोध संस्थानों की यात्रा के लिए किया जा सकता है। अन्य प्रकार के अवकाशों में चिकित्सा अवकाश, मातृत्व अवकाश, अर्जित अवकाश (सेवा माह की समाप्ति पर 2% दिन), अध्ययन अवकाश (sabbatical leave), असाधारण अवकाश (Extraordinary leave ई.ओ.एल.), आदि शामिल हैं। ई.ओ.एल. लंबी अवधि (2 वर्ष तक) के लिए हो सकता है और यह बिना वेतन का अवकाश है। कर्मचारियों को अपने निजी कार्य और अन्य कामों का प्रबंधन करने में मदद के लिए एक वर्ष में आठ दिनों का आकस्मिक अवकाश (आधे दिनों के ब्लॉक में) भी प्रदान किया जाता है।

देखें सभी प्रकार के अवकाशों का संक्षिप्त विवरण यहां

प्रो. सोनाली जैन

सबैटि‍कल अवकाश - संकाय सदस्यों को अपनी नियमित शैक्षणिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारियों से इतर अकादमिक विकास के लिए सबैटि‍कल अवकाश प्रदान किया जाता है। इसके अंतर्गत भारत या विदेश में अनुसंधान या उन्नत अध्ययन करना, पाठ्यपुस्तकों या अन्य साहित्य लेखन, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने हेतु औद्योगिक प्रतिष्ठानों या सरकार के तकनीकी विभागों का दौरा करना शामिल हैं। संकाय सदस्य अपने सबैटिकल अवकाश की पूरी अवधि या इसका एक हिस्सा आई.आई.टी. दिल्ली के अलावा किसी अन्य संस्था/संगठन में व्यतीत कर सकते हैं।

यह सबैटि‍कल अवकाश एक वर्ष तक की अवधि वाला एक दीर्घकालिक अवकाश है। असाधारण मामलों में, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (BOG) के अध्यक्ष से अनुरोध कर इसे अर्जित अवकाश के माध्यम से अधिकतम 120 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है। यह अवकाश किसी भी 6 वर्ष की अवधि में अधिकतम एक बार तथा संपूर्ण सेवा अवधि के दौरान अधिकतम तीन बार लिया जा सकता है। सबैटि‍कल अवकाश से संबंधित नियमों का विस्तृत विवरण यहां देखें।

बाल देखभाल अवकाश (Child Care Leave) - एक नाबालिग बच्चे की देखभाल के लिए महिला कर्मचारी इस तरह की छुट्टी का लाभ उठा सकती हैं। बाल देखभाल अवकाश से संबंधित नियमों के बारे में अधिक जानकारी यहाँ देखें।

मातृत्व अवकाश - यह अवकाश गर्भावस्था के दौरान दो से कम जीवित बच्चों वाली महिला कर्मचारियों को उपलब्ध कराया जाता है। यह अवकाश गर्भपात/गर्भस्राव के मामलों में भी उपलब्ध है। गोद लेने की स्थिति में यह अवकाश उपलब्ध नहीं है।

पितृत्व अवकाश - इस प्रकार का अवकाश दो से कम बच्चों वाले पुरुष कर्मचारियों द्वारा लि‍या जा सकता है। इसका लाभ बच्चे के जन्‍म की तारीख से 15 दिन पहले और छह महीने बाद तक लिया जा सकता है। एक वर्ष से कम उम्र के बच्चे को गोद लेने पर भी पितृत्व अवकाश मिलता है।

विशेष आकस्मिक अवकाश (Special Casual Leave) - यह अवकाश पेशेवर गतिविधियों (जैसे सम्मेलन में भाग लेना या समिति की बैठक में सम्मिलित होना) के लिए उपलब्ध है। चिकित्सा अवकाश को छोड़कर, किसी भी स्थिति में शिक्षण ज़िम्मेदारियों वाले संकाय सदस्य किसी सेमेस्टर में 15 से अधिक शिक्षण दिवसों के लिए अवकाश पर नहीं रह सकते। इसके अतिरिक्त, अवकाश के कारण छूटी हुई कक्षाओं को पुनः आयोजित करना अनिवार्य है। संकाय सदस्यों द्वारा सेमेस्टर के दौरान छुट्टी लेने के लिए दिशानिर्देश यहाँ देखें।

अवकाश के दिशानिर्देश यहाँ देखें: पोस्ट-डॉक्टरल फेलोशिप के लिए विशेष आकस्मिक

आप आई.आई.टी. दिल्ली के अधिनियम और नियमावली (Acts and Statutes) में अवकाश संबंधी दिशानिर्देश देख सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए प्रशासनिक मैनुअल (admin manual) के अध्याय 7 को भी देखा जा सकता है।

आईआईटी दिल्ली के ई.आर.पी. प्रणाली के माध्यम से अवकाश के लिए आवेदन करें और अपने लीव-बुक (Leave Book) को देखें: ई.आर.पी.

अवकाश यात्रा छूट (एल.टी.सी.)

एल.टी.सी.: सभी संकाय सदस्य और उनके परिवार के आश्रित सदस्य भारत सरकार की "एल.टी.सी." योजना के पात्र हैं। इसके अंतर्गत संस्थान हर 4 साल के ब्लॉक में दो बार उनके यात्रा व्‍यय का भुगतान करता है। इनमें से एक यात्रा कर्मचारी के गृह नगर (होमटाउन) की होनी चाहिए। संकाय सदस्यों को एल.टी.सी. के दौरान अधिकतम 10 दिनों का अर्जित अवकाश (Earned Leave – EL) नकद में लेने की अनुमति भी है। नए कर्मचारियों के लिए पहले आठ वर्षों में अधिक यात्राओं की अनुमति है। देखें: एल.टी.सी. दिशानिर्देश

परिशिष्ट

यह याद रखना महत्त्वपूर्ण है कि अवकाश के दौरान भी हम आई.आई.टी. दिल्ली संकाय के सदस्य बने रहते हैं और हमें उस समय भी अपनी भूमिका का निर्वाहन करना चाहिए। एक अन्य महत्त्वपूर्ण बात यह है कि, यहां "सैंकेंड जॉब" की कोई अवधारणा नहीं है, आई.आई.टी. दिल्ली के संकाय सदस्य केवल आई.आई.टी. दिल्ली के संकाय सदस्य हैं- पूर्णकालिक संकाय सदस्य। इसका यह अर्थ है कि किसी बाहरी संस्था द्वारा उनके समय और विशेषज्ञता के लिए दिया जाने वाला कोई भी पारिश्रमिक औपचारिक रूप से आई.आई.टी. दिल्ली के संकाय सदस्य के रूप में अर्जित किया जाता है (सिवाय उस समय के जब वे अवैतनिक अवकाश पर हों)। यह भुगतान संस्थान के माध्यम से किया जाता है या फिर, संस्थान को इनके बारे में बताया जाता है (और संस्थान वार्षिक राशि के आधार पर उस मुआवजे का एक अंश प्राप्त करता है - नियमों के लिए देखें: http://estb.iitd.ac.in/RulePosition/Faculty/Honorarium.pdf)